बुधवार, 24 दिसंबर, 2008 को 15:58 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान की संसद ने भारत से आग्रह किया है कि मुंबई हमलों की जाँच में मदद करने के पाकिस्तान के प्रस्ताव पर वो सकारात्मक प्रतिक्रिया दे.
पाकिस्तानी सासंदों ने भारत से संयम बरतने का अनुरोध भी किया.
नेशनल एसेंबली में पारित हुए प्रस्ताव में दोनों देशों के बीच युद्ध की आशंका को लेकर चर्चा की आलोचना की गई.
एसेंबली ने संयुक्त जाँच और उच्च स्तर पर सहयोग पर ज़ोर दिया ताकि मुंबई हमलों को लेकर चिंताएँ दूर की जा सकें.
नवंबर में मुंबई में हुए हमलों के बाद से भारत- पाकिस्तान संबंध तनावपूर्ण दौर से गुज़र रहे हैं.
भारत का कहना है कि पाकिस्तानी चरमपंथियों ने ये हमले किए हैं जबकि पाकिस्तान ने इससे इनकार किया है.
पाकिस्तानी राजनीतिक पार्टियों ने हमलों के बाद एक स्वर में कहा था कि वे भारत की पीड़ा समझ सकते हैं लेकिन जल्दबाज़ी में लगाए गए आरोपों का वो खंडन करते हैं.
उसके बाद से भारत-पाक रिश्तों में तनाव बढ़ा है और भारत ने शांति प्रक्रिया फ़िलहाल स्थगित कर दी है.
तनाव
भारत चाहता है कि पाकिस्तान से काम कर रहे चरमपंथियों के ख़िलाफ़ पाक क़दम उठाए जबकि पाकिस्तान सरकार का कहना है कि उसे अभी तक पुख़्ता सुबूत नहीं दिए गए हैं.
इस बीच मुंबई हमलों के दौरान ज़िंदा पकड़े गए एकमात्र संदिग्ध हमलावर मोहम्मद अजमल कसाब को अदालत ने छह जनवरी तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया है.
मुंबई पुलिस ने 12 मामले दर्ज किए हैं और पुलिस ने इनमें से एक मामले में उसे रिमांड पर लेने की अपील की थी.
भारत सरकारने कसाब का लिखा हुआ एक पत्र दिल्ली में पाकिस्तानी दूतावास को सौंपा चुका है जिसमें कसाब ने अपने और बाकी हमलावरों के पाकिस्तानी होने की बात स्वीकार की थी.
लेकिन पाकिस्तान सरकार ने कहा है कि इन हमलों के दौरान ज़िंदा पकड़ा गया संदिग्ध हमलावर कसाब पाकिस्तानी नागरिक नहीं है