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मंगलवार, 23 दिसंबर, 2008 को 12:04 GMT तक के समाचार

'भारत ने कोई जानकारी नहीं दी है'

इंटरपोल के प्रमुख ने पाकिस्तान में कहा है कि भारत ने मुंबई के हमले में शामिल लोगों के बारे में अंतरराष्ट्रीय पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी है.

इंटरपोल के सेक्रेटरी जनरल रोनल्ड नोबेल भारत के बाद अब पाकिस्तान पहुँचे हैं जहाँ उन्होंने पाकिस्तानी गृह मंत्रालय के प्रमुख रहमान मलिक से बातचीत के बाद ये बयान दिया है.

रहमान मलिक के साथ संयुक्त रूप से एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "अभी तक भारत सरकार ने अपनी पुलिस को अनुमति नहीं दी है कि वह मुंबई के आतंकवादी हमलों के बारे में जानकारी इंटरपोल को दे."

नोबेल ने कहा, "मुंबई के हमलों के बारे में इंटरपोल के पास भी वही जानकारी है जो आपके पास है, जो आपने अख़बारों में पढ़ा, इंटरनेट पर और टीवी पर देखा, वही हम भी जानते हैं."

भारत का लगातार कहना रहा है कि "मुंबई के आतंकवादी हमले के लिए ज़िम्मेदार सभी लोग पाकिस्तानी नागरिक थे". भारत ने हमलों के लश्करे तैबा और जमात-उद-दावा को ज़िम्मेदार ठहराया है.

भारत का कहना है कि सभी दसों हमलावर कराची से एक बोट में बैठकर मुंबई आए थे और वहाँ उन्होंने 180 से अधिक लोगों की जान ले ली थी.

कार्रवाई

भारत और अमरीका के भारी दबाव के बीच पाकिस्तान सरकार ने हमलों का मास्टरमाइंड कहे जाने वाले ज़की-उर-रहमान लाखवी और ज़र्रार अहमद को गिरफ़्तार कर लिया और जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफ़िज़ मोहम्मद सईद को एक महीने के लिए उनके घर में नज़रबंद कर दिया गया.

लेकिन भारत का कहना है कि इतना भर काफ़ी नहीं है, वह माँग कर रहा है कि पाकिस्तान स्थित कथित प्रशिक्षण शिविरों को नष्ट किया जाए.

नोबेल ने कहा कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया है कि भारत अगर इंटरपोल के ज़रिए हमले की जाँच के सिलसिले में जानकारियाँ साझा करेगा तो वे भारत की हरसंभव सहायता करने के लिए तैयार हैं.

पाकिस्तानी गृह मंत्रालय के प्रमुख रहमान मलिक ने कहा, "हम दोषियों को सज़ा दिलाना चाहते हैं, हम भारत के साथ सहयोग करना चाहते हैं लेकिन इसके लिए उन्हें हमें सबूत उपलब्ध कराने होंगे."

नोबेल ने कहा कि यह भारत की मर्ज़ी पर निर्भर है कि वह इंटरपोल के साथ जानकारी शेयर करना चाहता है या नहीं, लेकिन उन्होंने उम्मीद ज़ाहिर की कि जल्दी ही जानकारी दी जाएगी क्योंकि इंटरपोल की एक टीम पिछले सप्ताह भारत में तैनात की गई है.

भारत के गृह मंत्री से नोबेल ने रविवार को मुलाक़ात की थी जिसमें इंटरपोल ने भारत को आश्वासन दिया था कि वह मुंबई के हमले में शामिल चरमपंथियों के बारे में जानकारी हासिल करने में भारत की सहायता करेगा.

मुंबई के हमलों में शामिल एकमात्र जीवित चरमपंथी अजमल अमीर कसाब भारत की हिरासत में है और उसने पाकिस्तानी सरकार को एक चिट्ठी लिखी है जिसमें कहा गया है कि सभी हमलावर पाकिस्तानी नागरिक थे, कसाब ने पाकिस्तान सरकार से कूटनीतिक स्तर पर क़ानूनी सहायता की गुहार लगाई है.

पाकिस्तान सरकार ने इस बात की पुष्टि की है कि उसे चिट्ठी मिल गई है और वे इस चिट्ठी को अच्छी तरह पढ़ने के बाद अपनी प्रतिक्रिया देंगे.