सोमवार, 22 दिसंबर, 2008 को 08:07 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि एक संदिग्ध अमरीकी चालकरहित विमान से किए गए मिसाइल हमले में सात लोगों की मौत हो गई है.
ख़बरों के मुताबिक उत्तरी वज़ीरिस्तान के सीमावर्ती इलाके में हुए इस हमले में एक मकान नष्ट हो गया.
अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक हमले में मारे गए लोगों की पहचान के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है.
ग़ौरतलब है कि अगस्त महीने से अबतक अमरीकी चालकरहित विमान पाकिस्तान के क़बायली इलाक़ों में 20 से अधिक मिसाइल हमले कर चुके हैं.
सरकार पर इस बात को लेकर बहुत दबाव है कि वह ऐसे हमलों को रोके.
पाकिस्तान सरकार की ओर से इस बारे में शुरुआत में कुछ कड़े बयान भी दिए गए थे पर मिसाइल हमलों का सिलसिला थमा नहीं है.
हमला
ख़बरों के अनुसार अधिकारियों ने अपना नाम ज़ाहिर नहीं करते हुए बताया है कि अफ़ग़ानिस्तान की सीमा से सटे दक्षिणी वज़ीरिस्तान के दो गाँवों में मिसाइल से हमला किया गया.
एक ग्रामीण यार मोहम्मद ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि एक किलानुमा घर इस हमले में नष्ट हो गया. साथ ही उनका कहना था कि कुछ स्थानीय तालेबान समर्थकों ने इस इलाक़े से शवों को बाहर निकालने का काम किया है.
एक ग्रामीण ने फ़ोन पर रायटर समाचार एजेंसी को बताया कि स्थानीय कबायलियों ने 'हमले के बाद चालकरहित विमान पर गोलियाँ दागी.'
एक सुरक्षा अधिकारी ने एएफ़पी समाचार एजेंसी को बताया कि यह स्पष्ट नहीं है कि मिसाइल हमलों में अल क़ायदा या तालेबान के किसी वरिष्ठ सदस्य को निशाना बनाया गया था या नहीं.
निशाने पर सवाल
चालकरहित विमान का निशाना आमतौर पर अचूक माना जाता है और अमरीकी इसका उपयोग उत्तर-पश्चिमी वज़ीरिस्तान के क़बायली इलाक़ों में अल-क़ायदा और तालेबान के ठिकानों पर हमलों के लिए करते हैं.
पर पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि इन हमलों में कई बार आम नागरिक भी मारे गए हैं.
पाकिस्तानी मीडिया और विपक्षी पार्टियाँ इन हमलों को पाकिस्तान की संप्रभुता के उल्लंघन के रुप में देखती है.
पिछले महीने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री युसूफ़ रज़ा गिलानी ने कहा था कि पाकिस्तानी सीमा में अमरीकी चालक रहित विमान के हमलों से निपटने के लिए कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है.
विपक्ष भी पाकिस्तान सरकार पर दबाव बनाता रहा है कि वह इन हमलों का जवाब दे या कम से कम इस मामले को संयुक्त राष्ट्र में उठाए.
लेकिन अब तक पाकिस्तान सेना ने न इन हमलों का जवाब दिया है और न पाकिस्तान कूटनीतिक स्तर पर इस मामले से निपटता दिख रहा है.