रविवार, 21 दिसंबर, 2008 को 19:41 GMT तक के समाचार
भारत ने पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव बढ़ाते हुए कहा है कि अगर वो आतंकवाद के ख़िलाफ़ ठोस कार्रवाई नहीं करता है तो भारत मुँहतोड़ जवाब देगा.
दूसरी ओर पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा है कि उनका मुल्क अमन का हिमायती है लेकिन हमला हुआ तो उनके देश की सेना इससे निपटने में सक्षम है.
शनिवार को सामरिक तैयारियों पर हुई शीर्ष बैठक के ठीक एक दिन बाद सबसे पहले विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी और फिर संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ सख़्त लहजे का इस्तेमाल किया.
प्रणव मुखर्जी ने कोलकाता में कहा कि अब इस समय की माँग है कि 'पाकिस्तान बात नहीं करे बल्कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ कार्रवाई करे नहीं तो हमारे पास सारे विकल्प खुले हैं'.
उनका कहना था कि पाकिस्तान को चाहिए कि वो अब इनकार करने के बजाए मुंबई हमलों में शामिल चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करे.
विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान को काफ़ी सबूत दिए जा चुके हैं, लेकिन वो विरोधाभासी बयान देता रहा है.
उनका कहना था, "पाकिस्तान हर हाल में कार्रवाई करे, विरोधाभासी बयान न दे. सिर्फ़ आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, पाकिस्तान को कार्रवाई करनी होगी."
पाकिस्तान का जवाब
रविवार शाम को जम्मू में एक रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा, "हमारी अमन चैन की ख्वाहिश को कमज़ोरी न समझा जाए. जो अपनी धरती से आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा तो हम उन्हें मुँहतोड़ जवाब देने में सक्षम हैं."
उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान अपनी धरती का इस्तेमाल 'आतंकवादी' गतिविधियों के लिए नहीं करने देने में विफल साबित हुआ है.
दूसरी ओर प्रणव मुखर्जी के बयान के बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा कि उनके देश की सेना सतर्क हैं और वह हर तरह से तैयार है.
उनका कहना था, "हम अमन चाहते हैं, लेकिन अगर हम पर जंग थोपी गई तो हमारी सेना इसके लिए पूरी तरह तैयार है."