शुक्रवार, 19 दिसंबर, 2008 को 02:14 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी शुक्रवार को राष्ट्रपति हामिद करज़ई से बातचीत करने अफ़ग़ानिस्तान जा रहे हैं. ग़ौरतलब है कि उनकी अफ़ग़ानिस्तान यात्रा मुंबई हमलों के बाद भारत-पाक रिश्ते में बढ़े हुए तनाव के बीच हो रही है.
जानकारों का मानना है कि ज़रदारी अपनी इस यात्रा से अमरीका को संदेश देना चाहते हैं कि पाकिस्तान 'आतंकवाद के ख़िलाफ़' लड़ाई के बारे में गंभीर है.
पर्यवेक्षक ये भी मानते हैं कि पाकिस्तान की कोशिश है जहाँ उसकी पूर्वी सीमा पर हाल में भारत-पाक रिश्तों में आई कड़वाहट से तनाव बढ़ा है वहीं उसकी पश्चिमी सीमा पर अफ़ग़ानिस्तान के साथ तनाव न बढ़े.
पाकिस्तान के राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद ज़रदारी की ये पहली अफ़ग़ानिस्तान यात्रा है. अफ़ग़ान राष्ट्रपति हामिद करज़ई के साथ बातचीत में दोनों देशों में इस्लामी चरमपंथ का सामना करने के उपायों के बारे में चर्चा होने की संभावना है.
इससे पहले अफ़ग़ान राष्ट्रपति करज़ई पाकिस्तान पर आरोप लगा चुके हैं कि वह पाकिस्तानी सीमा क्षेत्र में मौजूद तालेबान विद्रोहियों की ओर से अफ़ग़ान और नैटो सेनाओं पर हो रहे हमलों को रोकने के पर्याप्त कदम नहीं उठा रहा है.
पिछले कुछ हफ़्तों में तालेबान लड़ाकों ने उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में नैटो के सप्लाई डिपो पर हमले कर कई ट्रकों को आग लगा दी थी जो अफ़ग़ानिस्तान में विदेशी सेनाओं के सामान ले जाने वाले थे.
आरोप-प्रत्यारोप
वरिष्ठ पत्रकार रहीमुल्ला यूसुफ़ज़ई के अनुसार, "अमरीका नहीं चाहता कि पाकिस्तान अपनी पश्चिमी सीमा से सैनिक इसलिए हटाए क्योंकि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव ख़ासा बढ़ गया है. उधर अफ़ग़ानिस्तान चाहता है पाकिस्तान तालेबान के ख़िलाफ़ पर्याप्त कदम उठाए. इसलिए इस तनावपूर्ण माहौल में पाकिस्तान नहीं चाहता कि पाक-अफ़ग़ान सीमा पर भी तनाव बढ़े."
ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान के सरकारी टीवी चैनल पीटीवी के अनुसार इस्लामाबाद में भारतीय उप उच्चायुक्त को पाकिस्तान सरकार ने तलब किया और हाल में भारत की वायुसेना के एक लड़ाकू विमान के उसकी सीमा में चले जाने पर चिंता जताई और स्पष्टीकरण माँगा.
उधर भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान में इसका खंडन किया और कहा कि इस बारे में पाकिस्तान को विस्तृत जवाब दिया जाएगा.