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शुक्रवार, 19 दिसंबर, 2008 को 06:29 GMT तक के समाचार

'मुझसे इस्तीफ़ा माँगना नहीं पड़ता'

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री एआर अंतुले के पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे की मौत की परिस्थितियों पर बयान से पैदा हुए विवाद के बाद उनके केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा देने के बारे में अटकलें लगाई जा रही हैं.

जहाँ समाचार एजेंसियों ने उच्च स्तरीय सूत्रों के हवाले से अंतुले के अपना इस्तीफ़ा प्रधानमंत्री को सौंपने की बात कही है, वहीं अंतुले ने इस पर कहा है - "मैं न तो इसकी पुष्टि करता हूँ और न ही इसका खंडन करता हूँ."

बुधवार को 79-वर्षीय अंतुले ने मीडिया को बयान दिया था जिसमें उन्होंने मुंबई आतंकवाद निरोधक दस्ते के प्रमुख हेमंत करकरे की मौत की परिस्थितियों पर हैरानी जताई थी.

शुक्रवार को अंतुले ने इस्तीफ़े के बारे मीडिया के सभी सवालों से पल्ला झाड़ लिया और सीधा जवाब देने से मना कर दिया. वे अपने रुख़ पर अड़े नज़र आए और उन्होंने ये भी कहा कि उन्होंने पार्टी या सरकार को शर्मिंदा नहीं किया है.

उनका कहना था, "इस्तीफ़ा देने के लिए अंतुले जैसे व्यक्ति को कहने की ज़रूरत नहीं पड़ती. करकरे महान आदमी थे जिनसे सैंकड़ो आतंकवादियों को भय लगता. लाखों हिंदुस्तानियों के दिमाग में ये है कि करकरे की मौत कैसे हो गई और किसने उन्हें मौत के मुँह में भेजा?"

उनका कहना था कि वे पार्टी के सिपाही हैं और पार्टी और सरकार के हित में जो कुछ भी ज़रूरी है, वे करने को तैयार हैं.

जाँच की माँग

बुधवार को उन्होंने मीडिया से कहा था, "मेरी समझ में नहीं आया कि मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों के दौरान आतंकवाद निरोधक दस्ते के प्रमुख हेमंत करकरे समेत तीन बड़े पुलिस अधिकारी ताज या ऑबराय होटलों की तरफ़ जाने की जगह उस ओर क्यों जा रहे थे जहाँ कुछ हो ही नहीं रहा था."

उन्होंने ये भी कहा था कि जो कोई भी सच्चाई तक पहुँचने की कोशिश कर रहा होता है, वह मौत का शिकार क्यों बन जाता है.

अंतुले के बयान पर आपत्ति जताते हुए भाजपा ने कहा था - "हम प्रधानमंत्री से ये जानना चाहते हैं कि क्या ये अंतुले जी के व्यक्तिगत विचार हैं या फिर ये पूरे मंत्रिमंडल की सोच है. इस पर प्रधानमंत्री को बयान देना चाहिए."

संसद में हंगामा

इसके बाद बुधवार और गुरुवार को भी इस मामले पर संसद में ख़ासा हंगामा हुआ था. अंतुले ने कहा था कि वे केवल आला अधिकारियों की मौत की परिस्थितियों के बारे में हैरान हैं और चाहते हैं कि इस घटना की जाँच हो.

अंतुले ने संसद के बाहर कहा - "मेरी सोनिया गांधी या मनमोहन सिंह से कोई मुलाकात नहीं हुई है...मुझे किसी को कोई स्पष्टी करण नहीं देना है."

लेकिन उन्होंने शुक्रवार को ये भी कहा था कि यदि उनके बयान से पार्टी या सरकार शर्मिंदा हुई है तो वे अपने पद से इस्तीफ़ा देने के लिए तैयार हैं.