गुरुवार, 18 दिसंबर, 2008 को 05:50 GMT तक के समाचार
अपने ही बयान से मुकरते हुए पाकिस्तान ने कहा है कि चरमपंथी गुट जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अज़हर नज़रबंद नहीं है और उनके बारे में सरकार को कोई जानकारी नहीं है.
भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त शाहिद मलिक ने बुधवार को एक टेलीविज़न इंटरव्यू में कहा है कि ये ख़बरें ग़लत हैं कि मसूद अज़हर को नज़रबंद करके रखा गया है.
इससे पहले पाकिस्तान के रक्षामंत्री चौधरी मुख़्तार अहमद कह चुके हैं कि मसूद अज़हर पुलिस हिरासत में हैं.
मौलाना मसूद अज़हर उन चरमपंथियों में से हैं जिनकी भारत को सबसे ज़्यादा तलाश है.
अज़हर वही हैं जिन्हें भारतीय विमान के अपहरण के बाद यात्रियों की रिहाई के बदले अफ़ग़ानिस्तान के कंधार ले जाकर छोड़ा गया था.
'अज़हर का पता नहीं'
भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त शाहिद मलिक ने दिल्ली में एक टेलीविज़न कार्यक्रम में कहा, "हमें भी मसूद अज़हर की तलाश है. वे नज़रबंद नहीं हैं. जहाँ तक मेरी जानकारी है, ये ख़बरें सही नहीं हैं कि उन्हें हिरासत में ले लिया गया है. वो पाकिस्तान में नहीं हैं...हम नहीं जानते कि वो कहाँ हैं."
सीएनबीसी-टीवी18 के एक कार्यक्रम में शाहिद मलिक उस सवाल का जवाब दे रहे थे, जिसमें उनसे पूछा गया था कि जब मसूद अज़हर पुलिस हिरासत में हैं तो उन्हें भारत के हवाले क्यों नहीं किया जा सकता.
उच्चायुक्त का बयान पाकिस्तान के रक्षामंत्री चौधरी मुख़्तार अहमद के उस बयान का ठीक उलट है जिसमें उन्होंने कहा था कि मौलाना मसूद अज़हर पुलिस हिरासत में है.
चौधरी मुख़्तार अहमद का बयान भी एक भारतीय टेलीविज़न चैनल के साथ बातचीत के दौरान आया था.
पाकिस्तान के उच्चायुक्त ने मसूद अज़हर के अलावा अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के बारे में भी कहा है कि वो पाकिस्तान में नहीं हैं.
यह पूछे जाने पर कि यदि भारत इस बात के सबूत देता है कि दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में है क्या सरकार उसका प्रत्यार्पण करेगी, उन्होंने कहा, "सच तो यह है कि दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में हैं ही नहीं."
शाहिद मलिक ने यह भी कहा है कि पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई का लश्करे तैबा से कोई संबंध नहीं है.
भारत सरकार का कहना है कि मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों के पीछे लश्करे तैबा का हाथ है.