गुरुवार, 18 दिसंबर, 2008 को 00:14 GMT तक के समाचार
महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई हमलों के दौरान कथित ख़ामियों को लेकर पुलिस महानिदेशक एएन रॉय और पुलिस आयुक्त हसन गफ़ूर के ख़िलाफ़ बुधवार को जाँच की घोषणा की है.
ये घोषणा महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने की.
राज्य सरकार ने ये घोषणा विपक्ष की की माँग के बाद की है.
विपक्ष का आरोप है कि मुंबई हमलों से निपटने में इन दोनों अधिकारियों ने कथित रूप से लापरवाही बरती.
विपक्ष ने इस अफ़सरों की भूमिका पर सवाल उठाए थे और कहा था कि मुंबई पर इतना बड़ा चरमपंथी हमला हुआ और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी.
केंद्र की ख़ुफिया एजेंसियां भी कह चुकी हैं कि उन्होंने हमले से पहले कई अहम जानकारियाँ प्रदेश के पुलिस अधिकारियों को दी थीं जिन पर ध्यान दिया जाता तो हमले को रोका जा सकता था.
विपक्षी भारतीय जनता पार्टी और शिव सेना के नेताओं का आरोप है कि हमले के दौरान ये दोनों अधिकारी मुख्यालय में बैठे रहे और वहीं से स्थिति का आकलन करते रहे.
आरोप है कि ये दोनों अधिकारी मौक़े पर नहीं गए जबकि नियंत्रण कक्ष की ज़िम्मेदारी संयुक्त आयुक्त राकेश मारिया संभाले हुए थे.
उल्लेखनीय है कि मुंबई हमलों के मामले में केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख और उपमुख्यमंत्री आरआर पाटिल को अपने पदों से हाथ धोना पड़ा था.
हमले में आतंकवाद निरोधक दस्ते के प्रमुख हेमंत करकरे, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अशोक काम्टे और इंस्पेक्टर विजय सालस्कर चरमपंथियों की गोलियों का निशाना बन गए थे.