शुक्रवार, 12 दिसंबर, 2008 को 20:42 GMT तक के समाचार
बांग्लादेश में अब लोकतंत्र बहाली की दिशा में सकारात्मक संकेत देखने को मिल रहे हैं. देश की अंतरिम सैन्य सरकार ने राजनीतिक दलों पर लगाए गए तमाम प्रतिबंध वापस ले लिए हैं.
और इसी के साथ चुनावों के लिए ज़मीन पर माहौल रंग लेता नज़र आने लगा है. राजनीतिक दलों ने प्रचार का काम शुरू कर दिया है.
देश में अंतरिम सरकार की ओर से तय कार्यक्रम के मुताबिक 29 दिसंबर को आम चुनावों के लिए मतदान होना है.
इस चुनाव के मद्देनज़र देश की दो पूर्व प्रधानमंत्री और फिलहाल दो प्रमुख राजनीतिक दलों की प्रमुख ख़ालिदा ज़िया और शेख हसीना अब आमने-सामने हैं.
राजनीतिक दलों के पास प्रचार के लिए कम ही समय है और ऐसे में कोई भी पार्टी प्रचार में कोई कमी भी नहीं रखना चाहती है.
अंतरिम सरकार यह भी घोषणा कर चुकी है कि आगामी बुधवार को देश से आपातकाल पूरी तरह से हटा लिया जाएगा. बांग्लादेश में जनवरी, 2007 से आपातकाल लागू है.
चुनाव की तैयारी
राजनीतिक दलों ने अपनी मांग रखते हुए कहा था कि आपातकाल नहीं हटाया गया तो देश में चुनाव निष्पक्ष रूप से संपन्न नहीं हो पाएंगे.
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की प्रमुख ख़ालिदा ज़िया ने चुनावों के मद्देनज़र शुक्रवार को अपना घोषणा पत्र भी जारी कर दिया है.
दोनों पूर्व प्रधानमंत्रियों के साथ ही अन्य दल भी अच्छा प्रशासन देने का वादा लेकर लोगों के बीच जा रहे हैं.
हालांकि दो वर्ष पहले देश की अंतरिम सरकार को नियंत्रित कर रही सेना ने कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों, नेताओं को भ्रष्टाचार और अनियमितता के आरोपों में जेल भेज दिया था.
राजनीतिक यही दोहराते रहे हैं कि उनपर लगाए गए आरोप दरअसल राजनीति से प्रेरित हैं या फिर उनके ख़िलाफ़ साजिश का हिस्सा हैं.