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गुरुवार, 11 दिसंबर, 2008 को 16:52 GMT तक के समाचार

जमात-उद-दावा के प्रमुख नज़रबंद

मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों के सिलसिले में पाकिस्तान ने इस्लामी संगठन जमात उद दावा के नेता हाफ़िज़ मोहम्मद सईद को नज़रबंद कर दिया है.

इस संगठन को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने आतंकवादी संगठन घोषित करते हुए उस पर प्रतिबंध लगा दिया है.

मौलाना हाफ़िज़ मोहम्मद सईद लश्कर-ए-तैबा के संस्थापक हैं और उन्होंने 2001 में लश्कर का नेतृत्व छोड़ने की घोषणा करके जमात-उल-दावा की कमान संभाल ली थी.

जमात-उल-दावा को एक इस्लामी चैरिटी बताया जाता है लेकिन भारत का आरोप है कि लश्कर पर पाबंदी के बाद चरमपंथी कार्रवाइयों के लिए उसका इस्तेमाल किया जाने लगा है.

सईद का कहना रहा है कि वे एक चैरिटी चलाते हैं जिसका मुंबई के हमलों से कोई लेनादेना नहीं है लेकिन भारत का कहना है कि जमात-उल-दावा असल में लश्कर-ए-तैबा का ही बदला हुआ नाम है.

भारत का कहना है कि इस हमले में लश्करे तैबा का हाथ है.

पाकिस्तानी अधिकारियों ने पत्रकारों को बताया है कि जमात-उल-दावा के देश भर में स्थित कई दफ़्तरों को बंद कर दिया गया है.

इससे पहले पाकिस्तान ने मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड कहे जाने वाले ज़की-उर-रहमान लाखवी और ज़र्रार ख़ान को बुधवार को गिरफ़्तार कर लिया था.

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि इतनी कार्रवाई काफ़ी नहीं है, पाकिस्तान को और पुख़्ता क़दम उठाने की ज़रूरत है.

हाफ़िज़ मोहम्मद सईद के निकट सहयोगी अब्दुल्ला मुंतज़िर ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, "पुलिस ने लाहौर में उनके मकान को चारों तरफ़ से घेर लिया है और उनसे कहा गया है कि वे कहीं नहीं जा सकते. उनसे कहा गया है कि उनकी नज़रबंदी का आधिकारिक फ़रमान उन्हें जल्दी ही दे दिया जाएगा."

लाहौर में पुलिस के प्रमुख परवेज़ राठौर ने कहा कि सईद और उनके चार अन्य सहयोगियों को तीन महीने के लिए नज़रबंद किया गया है.

उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि सईद के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाया जाएगा या नहीं.

भारत ने माँग की है कि मुंबई के हमलों से जुड़े चरमपंथियों को भारत को सौंपा जाए जिससे पाकिस्तान ने इनकार कर दिया है, उसने कहा है कि इन लोगों के खिलाफ़ पाकिस्तानी क़ानून के तहत मुकदमा चलाया जाएगा.