गुरुवार, 11 दिसंबर, 2008 को 11:35 GMT तक के समाचार
सुबीर भौमिक
बीबीसी पूर्वोत्तर भारत संवाददाता
भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम में अलगाववदियों ने जेल को तोड़कर अपने तीन साथियों को आज़ाद करा लिया है.
अधिकारियों के अनुसार अलगाववादियों का संबंध 'ब्लैक विडो' समूह से है जो असम के डिमासा क़बायलियों की आज़ादी की माँग कर रहे हैं.
पुलिस का कहना है कि अलगाववादियों ने जेल को तोड़ने के लिए हथगोलों का प्रयोग किया. जेल तोड़ने की घटना गुरुवार की सुबह राज्य के हैफ़लोंग शहर में हुई है.
ग़ौरतलब है कि अलगाववादी समूह 'ब्लैक विडो' अक्सर सुरक्षाकर्मियों पर हमला करते रहे हैं.
गोलीबारी
असम के पुलिस प्रमुख जीएम श्रीवास्तव का कहना है कि अलगाववादियों कि संख्या 15 से 20 के क़रीब थी और अपने साथी को आज़ाद कराने
के लिए अंधाधुध गोलीबारी की और फिर तीन साथियों
को लेकर फ़रार हो गए.
पुलिस प्रमुख का कहना था, "हमने अनुशासनिक आधार पर उन तमाम पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है जो उस समय ड्यूटी पर थे क्योंकि वे लोग जेल तोड़ने की घटना को रोक नहीं सके."
अलगाववादी जिन लोगों को छुड़ाने में कामयाब हुए हैं उन में 'ब्लैक विडो' के एक बड़े नेता डेनियल डिमासा शामिल हैं.
श्रीवास्तव का कहना है कि पुलिस और अर्धसैनिक बल हैफ़लोंग शहर के आसपास अलगाववादियों की तलाश में जुट गए हैं.
'ब्लैक विडो' के हथियारबंद विद्रोही सुरक्षाकर्मियों, बांग्ला और हिंदी भाषी लोगों पर उत्तरी कछार ज़िले में अक्सर हमले करते रहते हैं. चार साल पहले अपने पैतृक संगठन 'डिमा हालम डाओगह' से अलग होने के बाद 'ब्लैक विडो' ने इस तरह के हमले करने शुरु किए.
इस समय 'डिमा हालम डाओगह' भारत सरकार से बातचीत कर रहा है जबकि 'ब्लैक विडो' का कहना है कि वो डिमासियों के लिए मातृभूमि की लड़ाई जारी रखेंगे.