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बुधवार, 10 दिसंबर, 2008 को 03:40 GMT तक के समाचार

नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, जयपुर

राजस्थान में मुख्यमंत्री को लेकर खींचतान

राजस्थान विधानसभा चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान तेज़ हो गई है.

कांग्रेस विधायक दल की बैठक गुरुवार को जयपुर में आयोजित की गई है जिसमें मुख्यमंत्री का फ़ैसला होने की उम्मीद की जा रही है.

इस बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में दिग्विजय सिंह, मधुसूदन मिस्त्री, चौधरी वीरेंदर सिंह और प्रभारी महासचिव मुकुल वासनिक मौजूद रहेंगे.

इधर कांग्रेस के संभावित मुख्यमंत्रियों में अशोक गहलोत, शीशराम ओला, गिरिजा व्यास, कर्नल सोनाराम चौधरी जैसे नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं.

केंद्रीय खान मंत्री शीशराम ओला ने कहा है कि राजस्थान में मुख्यमंत्री के पद पर बैठने वाला किसान ही होना चाहिए.

उन्होंने कहा कि यदि ऎसा नहीं हुआ तो लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को इसका नुक़सान उठाना पड़ सकता है.

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि किसान से उनका अभिप्राय जाट से है.

राजस्थान में भावी मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे शीशराम ओला ने इस सिलसिले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मुलाक़ात की है.

हालांकि पत्रकारों से बातचीत में शीशराम ओला ने इस मुलाक़ात को सामान्य भेंट बताया.

गहलोत की मुश्किलें

बताया जा रहा है कि इससे राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की दोबारा ताजपोशी में मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

हालांकि राजस्थान में मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में पूर्व अशोक गहलोत सबसे आगे बताए जा रहे हैं.

अशोक गहलोत का कहना है कि कांग्रेस आलाकमान जो भी फ़ैसला करेगा, वो राज्य के हित में होगा.

उनका कहना था कि राजस्थान में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और कांग्रेस की ही सरकार बनेगी.

बहुमत के लिए कम पड़ रहे विधायकों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि कई निर्दलीय विधायक कांग्रेस को समर्थन देने को तैयार हैं और सरकार के गठन में कोई परेशानी नहीं आएगी.

उल्लेखनीय है कि राजस्थान विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को 96 सीटें मिली हैं और बहुमत के लिए उसे पाँच और विधायकों के समर्थन की आवश्यकता पड़ेगी.