मंगलवार, 09 दिसंबर, 2008 को 03:35 GMT तक के समाचार
मुंबई के ताज होटल की नई इमारत की 20 और 21 वीं मंज़िल में मंगलवार सुबह आग लग गई थी.
इसमें कोई हताहत नहीं हुआ, चरमपंथी हमलों के बाद से होटल खाली है.
दमकल की पाँच गाड़ियाँ तुरंत भेजी गईं और उन्होंने होटल में लगी आग को बुझा लिया. आग शॉर्ट सर्किट से लगी बताई जा रही है.
मुंबई पुलिस ने इस बात से इनकार किया है कि विस्फोटकों के छूट जाने से आग लगी हो सकती है.
ग़ौरतलब है कि हाल में मुंबई हमलों के दौरान इस होटल के हेरिटेज वाले हिस्से में चरमपंथियों ने मोर्चा जमा लिया था.
इस हमले में होटल को ज़बर्दस्त नुक़सान पहुँचा था और होटल का अत्यंत सुंदर गुंबद टूट गया था.
चरमपंथियों ने न केवल होटल में धमाके किए बल्कि लोगों को बंधक भी बनाए रखा था.
इसमें कई लोगों की मौत हो गई थी.
मुंबई की तस्वीर जहाँ कहीं भी दिखाई जाती है उसमें गेटवे ऑफ इंडिया और ताज होटल ज़रूर होता है.
ये होटल मुंबई के इतिहास की याद ताज़ा कराता है.
ब्रितानी शासन में बनी सबसे सुंदर इमारतों में ताज होटल का नाम शुमार होता है.
इसका निर्माण 1903 में हुआ था और जब यह बना था तो भारत का पहला लक्ज़री होटल था.
इसके निर्माण में क़रीब ढाई लाख पाउंड लगे थे और यह वो जगह थी जहाँ भारत के वायसराय राजे महाराजाओं और जाने माने लोगों से मिला करते थे.
भारत की आज़ादी के बाद भी इसकी सुंदरता न केवल बरक़रार रही बल्कि इसका महत्व भी बना रहा.
हर साल इस इमारत में बदलाव होते रहे और नई इमारतें जुड़ती रहीं लेकिन इसकी ख़ूबसूरती कभी घटी नहीं.