अमरीका का कहना है कि पाकिस्तान ने मुंबई हमलों की जाँच में मदद के लिए कुछ सकारात्मक क़दम उठाए हैं.
दूसरी ओर सोमवार को पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस से बात की.
इस बीच पाकिस्तान ने लश्करे तैबा के ख़िलाफ़ कार्रवाई की है.
अमरीका और भारत की ओर से बढ़ते दबाव के बीच अमरीकी सेना ने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में लश्करे तैबा के एक शिविर पर धावा बोला.
ऐसी ख़बरे हैं कि लश्कर के एक अहम नेता ज़की उर रहमान लखवी को गिरफ़्तार किया गया है.
भारत का आरोप है कि मुंबई में हमले के आदेश लखवी ने ही दिए थे.
अमरीका का कहना है कि वह पाकिस्तान में स्थिति पर कड़ी नज़र रखे हुए है.
अमरीकी विदेश विभाग के प्रवक्ता शॉन मैक्कॉर्मेक का कहना था,'' हम कुछ सकारात्मक क़दम देख रहे हैं.''
कड़ी नज़र
उनका कहना था कि पाकिस्तान सरकार इनकी विस्तृत जानकारी देगी.
उनका कहना था,'' ये पाकिस्तान सरकार की ज़िम्मेदारी है कि वह संभावित चरमपंथी हमलों को रोके और उसके ढांचे को नष्ट करे.''
विदेश विभाग के प्रवक्ता का कहना था,'' हम चाहते हैं कि भविष्य में पाकिस्तान की ज़मीन से हमले न हों. हम सभी पक्षों से सहयोग की अपील करते हैं कि वो सहयोग करें ताकि ऐसी घटनाएं न हो.''
उल्लेखनीय है कि मुंबई के कई ठिकानों पर 26 नवंबर की देर शाम हुए चरमपंथी हमलों में 180 से अधिक लोग मारे गए थे और लगभग ढाई सौ घायल हुए थे.
चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के बाद ताज होटल को मुक्त कराने के साथ ख़त्म हुई थी.
मुंबई पुलिस ने एक चरमपंथी अजमल अमीर कसाब को जीवित पकड़ने में सफलता हासिल की थी जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वो पाकिस्तान का रहने वाला है.
समाचार एजेंसियों के मुताबिक कसाब ने पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियाँ दी हैं जिनसे पता चलता है कि कसाब ने पाकिस्तान में ही प्रशिक्षण पाया था.