http://www.bbcchindi.com

सोमवार, 08 दिसंबर, 2008 को 11:55 GMT तक के समाचार

सत्ता के सेमीफ़ाइनल में कांग्रेस आगे

भारत के पाँच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में जहाँ कांग्रेस ने दिल्ली की सत्ता बचाए रखते हुए मिज़ोरम और राजस्थान में विरोधियों को पटखनी दी है.

तो दूसरी ओर भाजपा ने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में दोबारा जीत हासिल की है.

जहाँ कांग्रेस ने दिल्ली में शीला दीक्षित की अगुआई में लगातार तीसरी बार जीत हासिल की और राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को पटखनी दी.

राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार थी. इस हिसाब से राजस्थान की कुर्सी उन्हें गँवानी पड़ी लेकिन बाकी दोनों राज्यों में पार्टी दोबारा सत्ता में वापसी कर रही है.

हालाँकि राजस्थान में कांग्रेस स्पष्ट बहुमत से पाँच सीट पीछे छूट गई है. यहाँ की 200 सीटों में से कांग्रेस को 96 सीटें मिली हैं. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 78 सीटें मिली हैं.

भाजपा को मध्य प्रदेश में बहुमत हासिल हो गया है. विधानसभा की 230 सीटों में से भाजपा को 144 सीटें मिली हैं जबकि कांग्रेस का आँकड़ा 71 पर थम गया.


छत्तीसगढ़ के रुझान और परिणाम

मध्य प्रदेश के रुझान और परिणाम

राजस्थान के परिणाम

दिल्ली के परिणाम

मिज़ोरम के परिणाम


छत्तीसगढ़ में रमन सिंह की अगुआई में विकास के नारे के सहारे भाजपा ने फिर वापसी की है.

यहाँ 90 सीटों में से 73 के नतीजे आ गए हैं. भाजपा ने 46 पर सफलता हासिल की है, वहीं कांग्रेस को 32 सीटें मिली हैं. बहुजन समाज पार्टी यानी बसपा ने भी दो सीटें जीती हैं.

सात सीटों से जो रुझान मिल रहे हैं, उनके मुताबिक छह पर भाजपा और एक पर कांग्रेस आगे चल रही है.

तिकड़ी

दिल्ली में शीला दीक्षित के नेतृत्व में कांग्रेस ने जीत की तिकड़ी लगाई है. पार्टी को 69 में से 42 सीटें मिली हैं.

जबकि भाजपा को 23 सीटें मिली हैं. भारतीय जनता पार्टी ने इस चुनाव में महंगाई और आतंकवाद को मुद्दा बनाया था.

दिल्ली में बहुजन समाज पार्टी ने दो सीटें जीती है, जबकि लोकजनशक्ति पार्टी के खाते में भी एक सीट आई है. निर्दलीय के खाते में एक सीट आई है.

मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों के बाद दिल्ली में मतदान हुआ था. इस कारण माना जा रहा था कि भाजपा को यहाँ फ़ायदा हो सकता है. लेकिन कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए बहुमत हासिल कर लिया है.

राजस्थान में वसुंधरा राजे सरकार को तगड़ा झटका लगा है. यहाँ कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. कांग्रेस को 200 में से 96 सीटों पर जीत हासिल हुई है.

भारतीय जनता पार्टी को सिर्फ़ 78 सीटें ही मिल पाई है. लेकिन कांग्रेस के पास बहुमत से पाँच सीटें कम हैं. ऐसी स्थिति में अन्य पार्टियों और निर्दलीयों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है.

राजस्थान में बहुजन समाज पार्टी ने छह सीटें हासिल की है. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी को तीन और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को एक सीट मिली है.

जनता दल (यू) ने भी एक सीट हासिल की है. समाजवादी पार्टी को एक सीट मिली है. जबकि निर्दलीय के खाते में 14 सीटें आई हैं.

भाजपा की जीत

मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने बहुमत हासिल कर ली है और परिणामों के मुताबिक़ पार्टी को 230 में से 144 सीटें मिली हैं.

कांग्रेस पार्टी ने अभी तक 71 सीटों पर जीत हासिल की है. बसपा को सात सीटें मिली हैं जबकि उमा भारती की भारतीय जनशक्ति पार्टी को सिर्फ़ पाँच सीटें मिली हैं. समाजवादी पार्टी ने भी खाता खोला है जबकि निर्दलीय तीन जगहों से जीते हैं.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में पार्टी को पिछले चुनावों के मुक़ाबले कम सीटें तो मिलती नज़र आ रही हैं लेकिन सीटें इतनी कम नहीं है कि पार्टी को बहुमत न मिले.

कांग्रेस ने सरकार विरोधी मतों के आधार पर मध्य प्रदेश में जीत का दावा किया था. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. जानकारों का मानना है कि राज्य से पार्टी के कई कद्दावर नेताओं की आपसी खींचतान के कारण पार्टी को नुक़सान हुआ है.

जीत

मिज़ोरम में कांग्रेस ने शानदार जीत हासिल की है. पार्टी ने 10 साल बाद सत्ता में वापसी की है. मिज़ो नेशनल फ़्रंट को करारी हार का सामना करना पड़ा है.

कांग्रेस ने 40 में से 31 सीटों पर जीत हासिल की है. जबकि मिज़ो नेशनल फ़्रंट सिर्फ़ चार सीटें जीत पाया है.

दिल्ली, जयपुर और मिज़ोरम में कांग्रेस कार्यकर्ता जहाँ जीत का जश्न मना रहे हैं, वहीं मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर हैं.

पार्टी की जीत से उत्साहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली ने कहा, "अब कांग्रेस को कोई नहीं रोक सकता." तो दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी नतीजों के विश्लेषण की बात कर रही है.

भाजपा ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के साथ-साथ दिल्ली में भी जीत का दावा किया था. जबकि पार्टी को राजस्थान में भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी.

भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि उनकी पार्टी नतीजे का विश्लेषण करेगी.