सोमवार, 08 दिसंबर, 2008 को 04:45 GMT तक के समाचार
दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने साफ कर दिया है कि दिल्ली में कांग्रेस एक बार फिर सरकार बनाने जा रही है.
शाम तक सभी 69 सीटों के रुझान और परिणाम सामने आ गए हैं और घोषित परिणामों के अनुसार कांग्रेस को 42 सीटें मिली हैं.
मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी को 23 सीटें मिली हैं.
बहुजन समाज पार्टी को दो सीटें मिली हैं जबकि लोक जनशक्ति पार्टी को मात्र एक सीट से संतोष करना पड़ा है और निर्दलीय उम्मीदवार ने एक सीट जीती हैं.
राज्य में 70 में से 69 सीटों पर चुनाव हुए थे जिसमें बहुमत के लिए 35 सीटों की आवश्यकता थी.
दिल्ली के राजेंद्र नगर में बीजेपी के उम्मीदवार की मृत्यु के बाद चुनाव टाल दिए गए थे.
शीला दीक्षित पिछले दस साल से मुख्यमंत्री हैं और रुझानों के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, ''मैं दिल्ली की जनता का धन्यवाद करती हूं क्योंकि उन्होंने दस साल के बाद भी कांग्रेस की नीतियों मे आस्था जताई है. ''
उनका कहना था कि लोगों ने विकास को मुद्दा बनाया और आतंकवाद के राजनीतिकरण को नकार दिया है.
कांग्रेस ने अभी मुख्यमंत्री के तौर पर किसी का नाम घोषित नहीं किया है लेकिन लगता नहीं कि शीला दीक्षित के मुकाबले किसी और का नाम आगे आएगा.
भारतीय जनता पार्टी के नेता विजय गोयल ने कहा कि पार्टी से दिल्ली में चूकें हुई हैं और इसी कारण पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है.
उनका कहना था कि वो समस्याओं को मतदाताओं तक नहीं पहुंचा पाए.
सत्तर सीटों वाली विधानसभा में इस समय कांग्रेस की सरकार है और अगली सरकार बनाने के लिए कांग्रेस या किसी भी अन्य दल को 35 सीटों की ज़रुरत होगी.
कांग्रेस ने जहां विकास के नाम पर वोट मांगे थे वहीं बीजेपी ने मुख्यमंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा था कि कांग्रेस के राज में मंहगाई बढ़ी और कांग्रेस शासन ने कुछ भी नहीं किया.
अगर कांग्रेस इस बार भी सरकार बनाने में सफल होती है तो शीला दीक्षित दूसरी ऐसी कांग्रेस नेता होंगी जो लगातार तीसरी बार सरकार बनाने में सफल होंगी.