सोमवार, 08 दिसंबर, 2008 को 04:06 GMT तक के समाचार
कांग्रेस ने विधानसभा चुनावों में उम्मीद से कहीं अच्छा प्रदर्शन किया है.
भारत के पाँच राज्यों में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के रुझानों के अनुसार राजस्थान, मिज़ोरम और दिल्ली में कांग्रेस ने निर्णायक बढ़त बना ली है.
दिल्ली में कांग्रेस की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित हैट्रिक करने जा रही हैं.
भाजपा को केवल ये राहत है कि उसने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सरकार बचा ली है.
छत्तीसगढ़ में कड़े संघर्ष के बाद भाजपा ने बढ़त बनाई है. छत्तीसगढ़ की 90 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा 48 सीटों पर आगे है जबकि कांग्रेस ने 37 सीटों पर बढ़त बनाई है.
राजस्थान में भाजपा को भारी झटका लगा है. भाजपा वसुंधरा राजे के नेतृत्व में चुनाव लड़ी थी लेकिन कांग्रेस ने वहाँ अच्छा प्रदर्शन किया है.
दो सौ सदस्योंवाली राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस 100 सीटों पर आगे चल रही है जबकि भाजपा 70 सीटों पर आगे चल रही है.
दिल्ली में कांग्रेस 40 सीटों पर आगे है जबकि भाजपा 24 पर आगे है.
मध्य प्रदेश में भाजपा 132 सीटों पर आगे चल रही है जबकि कांग्रेस 70 सीटों पर आगे है.
दोतरफ़ा मुक़ाबला
लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र इन्हें अहम माना जा रहा है.
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, दिल्ली और मिज़ोरम विधानसभा चुनावों की मतगणना सोमवार सुबह शुरु हुई.
मिज़ोरम को छोड़ कर बाकी चारों राज्यों में मुख्य मुक़ाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच है.
छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भाजपा की सरकार है जबकि दिल्ली की सत्ता कांग्रेस के हाथों में है.
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज पाटिल ने विकास को मुख्य मुद्दा बनाया था.
पिछले चुनाव में भाजपा को भारी बहुमत हासिल हुआ था और उमा भारती मुख्यमंत्री बनीं थीं लेकिन इस चुनाव में तस्वीर अलग है.
उमा भारती की पार्टी भारतीय जनशक्ति पार्टी ने भाजपा के ख़िलाफ़ मोर्चा खोला और उसने लगभग सभी सीटों पर प्रत्याशी खड़े किए थे.
मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का इन चुनावों में पूरी ताकत झोंकना कांग्रेस और भाजपा के लिए चिंता का सबब बन गया था.
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री रमन सिंह की परीक्षा हो रही है. यहाँ कांग्रेस की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने जम कर प्रचार किया.
राजस्थान
राजस्थान में सत्तारुढ़ भाजपा और कांग्रेस के बीच मुक़ाबला है. यहाँ 68 फ़ीसदी मतदान हुआ था.
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के लिए सबसे बड़ी मुश्किल बाग़ियों ने खड़ी कर दी थी क्योंकि उन्होंने कई विधायकों के टिकट काट दिए थे और वो सरकार के ख़िलाफ़ प्रचार करते नज़र आए.
अशोक गहलोत की अगुआई में कांग्रेस पार्टी ने गूजर आंदोलन को संभालने में सरकार की विफलता, किसानों पर फ़ायरिंग जैसे मुद्दों को चुनाव में उठाया.
मिज़ोरम में मुक़ाबला सत्तारुढ़ मिज़ो नेशनल फ़्रंट, कांग्रेस और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक एलायंस के बीच है.
भाजपा ने इन चुनावों को जहां अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव का सेमीफ़ाइनल बताया है, वहीं कांग्रेस इससे सहमत नहीं है.