शनिवार, 06 दिसंबर, 2008 को 18:17 GMT तक के समाचार
कांग्रेस पार्टी से निलंबित नारायण राणे ने दावा किया है कि उनके पास ऐसे तीस विधायकों का समर्थन है जो चव्हाण को महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनाने के ख़िलाफ़ हैं.
इससे पहले शनिवार को ही कांग्रेस आलाकमान ने नारायण राणे को पार्टी से निलंबित करने का फ़ैसला किया.
राणे खुद को मुख्यमंत्री न बनाए जाने को लेकर नाराज़ थे और उन्होंने पार्टी आलाकमान के ख़िलाफ़ कड़ी टिप्पणियाँ की थी.
राणे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप अशोक चव्हाण के नाम की घोषणा होने के बाद कांग्रेस आलाकमान की आलोचना की थी.
वे ख़ुद मुख्यमंत्री बनने की होड़ में शामिल थे लेकिन आख़िरी मौके पर अशोक चव्हाण को सत्ता की चाभी सौंप दी गई.
इसके बाद उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर से उनका भरोसा उठ गया है. इन टिप्पणियों को पार्टी ने गंभीरता से लिया.
धमकी
निलंबन के बाद राणे ने संवाददाता सम्मेलन में कहा,"मैं यदि चाहूं तो नई सरकार को शपथ लेने से रोक सकता हूं या बनने के बाद इसे गिरा सकता हूँ. नई सरकार के पास बहुमत नहीं है और विपक्ष के विश्वास मत की मांग नहीं करने के बावजूद मैं इस बात को सदन के पटल पर साबित कर सकता हूँ."
इस माह नागपुर में होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र में उनके भावी क़दम के बारे में पूछे जाने पर राणे ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया.
नारायण राणे ने कहा कि उन्हें ये उम्मीद नहीं थी कि पार्टी उनके निलंबन का फ़ैसला करेगी.
राणे ने दावा किया कि मुख्यमंत्री पद के लिए 48 विधायकों ने उनके नाम का समर्थन किया था जबकि अशोक चव्हाण के पक्ष में 32, पतंगराव क़दम के साथ नौ और बालासाहेब विखे पाटिल के समर्थन में चार विधायक थे.