शुक्रवार, 05 दिसंबर, 2008 को 08:15 GMT तक के समाचार
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने छगन भुजबल को महाराष्ट्र का उपमुख्यमंत्री बनाने का फ़ैसला किया है. वे साथ में गृहमंत्री का पद भी संभालेंगे.
वे आरआर पाटिल की जगह यह पद संभालेंगे.
मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों की ज़िम्मेदारी स्वीकार करते हुए आरआर पाटिल ने उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री के पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.
वैसे तो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख ने भी इस्तीफ़ा दे दिया है लेकिन कांग्रेस आलाकमान ने अभी नए मुख्यमंत्री की घोषणा नहीं की है.
महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी की गठबंधन सरकार है और समझौते के अनुसार मुख्यमंत्री का पद कांग्रेस के पास है और उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री पद एनसीपी के पास है.
दूसरी बार पद
एनसीपी के प्रमुख शरद पवार ने पिछड़े वर्ग के प्रमुख नेता छगन भुजबल की नियुक्ति की घोषणा की.
उन्होंने कहा, "राज्य विधायक दल ने छगन भुजबल को अपना नेता बनाने का फ़ैसला किया है."
एनसीपी विधायक दल के नेता होने के नाते भुजबल उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री बन सकेंगे.
विधायक दल की बैठक पिछले सोमवार को हुई थी और इसके बाद नेता चयन की ज़िम्मेदारी पार्टी प्रमुख शरद पवार पर सौंप दी गई थी.
61 वर्षीय छगन भुजबल 1999 में गठित कांग्रेस-एनसीपी सरकार में भी उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री बनाए गए थे लेकिन विवादों की वजह से उन्हें 2003 में इस्तीफ़ा देना पड़ा था.
हालांकि उनसे इस्तीफ़े की वजह ज़ी टीवी के मुंबई स्थित दफ़्तर पर हमले और तोड़फोड़ थी और उन्होंने नैतिक ज़िम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफ़ा देने की घोषणा की थी.
लेकिन राजनीति पर नज़र रखने वालों का कहना था कि उनके इस्तीफ़ा देने का समय काफ़ी महत्वपूर्ण था और उसका कारण सिर्फ़ 23 दिसंबर, 2003 को हुई घटना नहीं थी.
करोड़ों रूपए के स्टांप पेपर घोटाले में भी उन पर विपक्षी पार्टियों ने गंभीर आरोप लगाए थे और उनसे इस्तीफ़े की माँग करते रहे थे.
छगन भुजबल स्टांप पेपर कांड में हाथ होने के आरोपों को ग़लत बताते रहे हैं.
इस घोटाले में पुलिस कमिश्नर सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और राजनेता पहले ही जाँच के दायरे में हैं.