बुधवार, 03 दिसंबर, 2008 को 22:47 GMT तक के समाचार
राजस्थान विधानसभा की सभी 200 सीटों के लिए मतदान गुरुवार सुबह शुरू हुआ.
मतदान के शुरुआती दो घंटों में 10 फ़ीसदी मतदान होने की खबर मिली है.
इन चुनावों में लगभग 3.62 करोड़ मतदाता हिस्सा लेंगे. जिसमें 1.72 करोड़ महिलाएँ हैं.
कांग्रेस ने सभी 200 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं जबकि भाजपा ने 193 और बहुजन समाज पार्टी ने 199 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है.
भारतीय जनता पार्टी इन विधानसभा चुनावों में वसुंधरा राजे के नेतृत्व में चुनाव मैदान में उतरी है.
लेकिन विपक्षी कांग्रेस ने किसी भी नेता को भावी मुख्यमंत्री के रूप में पेश नहीं किया है.
वर्ष 1998 से 2003 तक कांग्रेस सत्ता में रही और अशोक गहलोत मुख्यमंत्री रहे और इस बार भी उन्हें ही कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है.
राज्य में विधानसभा की 200 सीटें हैं और पिछली बार भाजपा ने इनमें से 120 सीटों पर क़ब्ज़ा किया था जबकि कांग्रेस को महज 56 सीटों पर संतोष करना पड़ा था.
चुनाव के मुद्दे
इस बार सतारूढ़ भाजपा वसुंधरा राजे के नेतृत्व में पिछले पाँच साल के कामकाज और विकास को मुद्दा बनाकर चुनाव मैदान में उतरी है.
वर्ष 2003 में उन्होंने राजस्थान का मुख्यमंत्री पद संभाला. लेकिन इन पाँच वर्षों में मुख्यमंत्री का विवादों ने पीछा नहीं छोड़ा है.
ऐसे अनेक अवसर आए जब जनता और पुलिस के बीच संघर्ष हुआ और कई लोग गोलीबारी में मारे गए.
राजस्थान ने अपने इतिहास का सबसे गंभीर जातिगत तनाव इस समय देखा गया जब गूजर सड़कों पर उतर आए और अपनी बिरादरी के लिए जनजाति का दर्जा मांगने लगे.
इस आंदोलन के दौरान रेलें रुकीं, सड़कें जाम हुईं और जनजीवन पटरी से उतर गया था.
कांग्रेस इस बार सरकार के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार, फ़िजूल खर्च और सामाजिक तानेबाने को छिन्न-भिन्न करने जैसे मुद्दों पर वोट मांग रही है.