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मंगलवार, 02 दिसंबर, 2008 को 06:21 GMT तक के समाचार

मिज़ोरम में शांतिपूर्ण ढंग से मतदान पूरा

भारत के पूर्वोत्तर राज्य मिज़ोरम में विधानसभा की 40 सीटों के लिए मंगलवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया.

चुनाव आयोग के मुताबिक़ 70 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया.

भारी मतदान के बीच किसी भी तरह के अप्रिय घटना की कोई ख़बर नहीं है.

मिज़ोरम के संयुक्त मुख्य चुनाव अधिकारी लालमिंगथांगा के अनुसार, "लगभग 206 उम्मीदवार, जो विभिन्न राजनीतिक दलों से हैं और जिनमें निर्दलीय भी हैं, चुनाव में खड़े हैं. मतदान में शुरुआती घंटों में वोटरों में ख़ासा उत्साह नज़र आया है."

ईसाई बहुल राज्य में सत्तारूढ़ मिज़ो नेशनल फ्रंट, विपक्षी कांग्रेस और तीन दलों के गठबंधन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक एलांयस के बीच त्रिकोणीय मुक़ाबला है. पिछले दस साल से मिज़ो नेशनल फ़्रंट सत्ता में है.

किसी समय चरमपंथी रहे और अब मिज़ोरम के मुख्यमंत्री ज़ोरामथांगा का दावा है, "हम दोबारा जीतेंगे."

नवगठित यूडीए में ज़ोराम नेशनलिस्ट पार्टी और मिज़ोरम पीपुल्स कॉन्फ्रेंस शामिल हैं और इसे किसानों के संगठन ज़ोरम कुथनथव्कतू पाल (जेडकेपी) का भी समर्थन प्राप्त है.

ज़ोरामथांगा की अगुवाई वाला एमएनएफ़ सत्ता में वापसी सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश कर रहा है.

इन पार्टियों के अलावा भाजपा और निर्दलीय उम्मीदवार भी विधानसभा चुनावों में अपना भाग्य आजमा रहे हैं.

अहमियत

वर्ष 2003 के विधानसभा चुनावों में एमएनएफ़ ने 21, कांग्रेस ने 12 और विभिन्न छोटे दलों ने सात सीटों पर सफलता हासिल की थी.

रणनीतिक दृष्टि से मिज़ोरम भारत के लिए बहुत अहम है. इसके पूर्व में बर्मा स्थित है तो पश्चिम में बांग्लादेश है.

मिज़ोरम की 40 सदस्यीय विधानसभा में से 39 सीटें जनजातियों के आरक्षित हैं जबकि एक सामान्य वर्ग के लिए सुरक्षित है.

इन विधानसभा चुनावों में 611,124 मतदाता वोट डाल सकते हैं और इनमें से लगभग 90 फ़ीसदी मतदाताओं को फ़ोटो पहचान पत्र जारी कर दिए गए हैं.