सोमवार, 01 दिसंबर, 2008 को 07:36 GMT तक के समाचार
शिवराज पाटिल के बाद केंद्रीय गृहमंत्री बनाए गए पी चिदंबरम ने कहा है कि वे गृहमंत्री बनने के इच्छुक नहीं थे लेकिन पार्टी का निर्णय उन्हें स्वीकार करना पड़ा.
उनका कहना था कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कहने पर उन्होंने यह काम स्वीकार किया है.
उल्लेखनीय है कि मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों के बाद 'नैतिक ज़िम्मेदारी स्वीकार करते हुए' शिवराज पाटिल के इस्तीफ़े के बाद रविवार को वित्तमंत्री का पद संभाल रहे पी चिदंबरम को गृहमंत्री बनाने का निर्णय लिया गया था.
कर्तव्य
वित्तमंत्रालय में अपनी अंतिम प्रेसकांफ़्रेंस में पी चिदंबरम ने कहा कि उनके पहले चार सालों की तुलना में यह आख़िरी साल घटनाक्रमों से भरा हुआ रहा है.
इसका विवरण देते हुए उन्होंने कहा कि पहले चार महीनों में बढ़ती महंगाई की चुनौती थी तो बाद के चार महीनों में वैश्विक आर्थिक मंदी से भारतीय अर्थव्यवस्था को बचाने की.
अंतिम चार महीनों के बारे में उन्होंने कहा, "यह और भी अधिक घटनाक्रमों से भरा हुआ होगा क्योंकि आज दोपहर से मैं गृहमंत्रालय का कामकाज संभालने जा रहा हूँ."
उन्होंने कहा, "ईमानदारी से कहूँ तो जब प्रधानमंत्री ने मुझे गृहमंत्रालय संभालने का प्रस्ताव दिया था तो मैंने इसे अस्वीकार कर दिया था."
उनका कहना था कि परिस्थितियों के मद्देनज़र जब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यह नई ज़िम्मेदारी दी तो उन्होंने इसे कर्तव्य समझकर स्वीकार कर लिया.
उनका कहना था, "जीवन में हर किसी को कर्तव्य का निर्वाह करना होता है."
वित्तमंत्रालय की ज़िम्मेदारी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ख़ुद संभालने वाले हैं.
पी चिदंबरम ने प्रधानमंत्री के कार्यानुभव का ज़िक्र करते हुए कहा कि वे किसी भी व्यक्ति से बेहतर ढंग से इस मंत्रालय का कामकाज संभाल सकते हैं.