रविवार, 30 नवंबर, 2008 को 03:26 GMT तक के समाचार
भारतीय राज्य जम्मू कश्मीर में राज्य विधानसभा के लिए रविवार को तीसरे चरण का मतदान हो रहा है. इस चरण में कुपवाड़ा ज़िले की पाँच सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं.
इन पाँच सीटों पर 71 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं जो अब तक के चुनावी इतिहास में सबसे बड़ी संख्या है.
अलगाववादी गुटों ने चुनाव बहिष्कार का नारा दिया है और अपने समर्थकों से कुपवाड़ा मार्च की अपील की है.
इसे देखते हुए वहाँ सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं और बीबीसी संवाददाता अल्ताफ़ हुसैन का कहना है कि वहाँ चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी दिखाई पड़ रहे हैं.
इससे पहले विधानसभा के लिए दो चरणों के चुनाव हो चुके हैं और दोनों ही चरणों में मतदाताओं में ख़ासा उत्साह दिखा है.
बीबीसी संवाददाता अल्ताफ़ हुसैन का कहना है कि कुपवाड़ा के सभी विधानसभाओं में ठंड के बावजूद सुबह से ही बड़ी संख्या में मतदाता वोट डालने पहुँचे हैं.
उनका कहना है कि एक जगह से छोटे प्रदर्शन की ख़बर मिली है.
उन्होंने बताया है कि हालंकि कुपवाड़ा में चुनाव हैं लेकिन सुरक्षा की वजह से श्रीनगर में कर्फ़्यू जैसा माहौल है.
इंतज़ाम
जम्मू कश्मीर में पहले चरण में 55 फ़ीसदी और दूसरे चरण में 65 फ़ीसदी से अधिक मतदान हुआ था.
इस चरण में कुपवाड़ा ज़िले की पाँच सीटों, करना, कुपवाड़ा, लोबाब, हंदवाड़ा और लंगेट में मतदान हो रहा है.
इन सीटों पर 71 उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फ़ैसला 3, 41, 946 मतदाता करेंगे.
इस चरण के लिए भी चुनाव प्रचार आमतौर पर शांतिपूर्ण रहा है.
कुपवाड़ा तीन ओर से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से जुड़ा हुआ है और अलगाववादी गुटों ने चुनाव बहिष्कार के अलावा कुपवाड़ा मार्च का आह्वान किया हुआ है.
इसे देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं.
चुनाव आयोग ने 448 मतदान केंद्रों को अतिसंवेदनशील घोषित किया है.
स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए आयोग ने 11 ज़ोनल और 31 क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की है.