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शनिवार, 29 नवंबर, 2008 को 06:33 GMT तक के समाचार

आईएसआई प्रमुख नहीं, प्रतिनिधि जाएँगे भारत

पाकिस्तान ने कहा है कि मुंबई हमलों की जाँच में सहयोग के लिए वह ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख की जगह अब एजेंसी के प्रतिनिधि को भारत भेजेगा.

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी और प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गीलानी से बात कर आईएसआई के प्रमुख को भारत भेजने की बात कही थी.

समाचार एजेंसियों के अनुसार राष्ट्रपति ज़रदारी, प्रधानमंत्री गीलानी और पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल अशफ़ाक़ परवेज़ कयानी के बीच शुक्रवार देर रात हुई बैठक के बाद आईएसआई प्रमुख की जगह प्रतिनिधि को भारत भेजने का फ़ैसला किया गया.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा, "मुंबई में चरमपंथी हमलों की जाँच में सहयोग के लिए आईएसआई के महानिदेशक जनरल पाशा की बजाय एजेंसी के प्रतिनिधि भारत जाएँगे."

इससे पूर्व, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री गीलानी ने भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का आग्रह स्वीकार करते हुए आईएसआई प्रमुख को भारत भेजने पर सहमति जताई थी.

ज़रदारी और गीलानी ने मनमोहन सिंह को फ़ोन करके मुंबई हमलों की कड़ी आलोचना भी की थी.

जाँच में सहयोग

मनमोहन सिंह ने बातचीत के दौरान कहा था कि मुंबई हमलों की शुरुआती जाँच में ये संकेत मिले हैं कि इसके तार पाकिस्तान के कराची शहर से जुड़े हुए हैं और इस मामले की जाँच के लिए वे पाकिस्तान से मदद चाहते हैं.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि आईएसआई चीफ़ को भारत भेजा जाए ताकि सबूतों को उनसे बाँटा जा सके और हमले की जाँच की जा सके.

प्रधानमंत्री गीलानी ने कहा है कि जाँच में सहयोग कैसे होगा, ये सब तय होने के बाद आईएसआई प्रमुख को भारत भेजा जाएगा.

आईएसआई प्रमुख को भारत भेजने के गीलानी के फ़ैसले की पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियों पीएमएल-एन, पीएमएल-क्यू और जमात-ए-इस्लामी ने ज़ोरदार आलोचना की थी.

भारत और पाकिस्तान के रक्षा सलाहकारों ने भी सवाल उठाए थे कि क्या आईएसआई प्रमुख को भारत भेजने के सवाल पर पाकिस्तान की लोकतांत्रिक सरकार ताक़तवर सेना को राज़ी करने में सफल हो सकेगी.