शुक्रवार, 28 नवंबर, 2008 को 21:14 GMT तक के समाचार
मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों से नाराज़ भारत ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर इस तरह के हमले नहीं रोके गए तो द्विपक्षीय रिश्ते आगे नहीं बढ़ सकते.
भारत के दौरे पर आए पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी से भारत के विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि वे उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान इन हमलों को लेकर 'तुरंत कार्रवाई' करेगा.
दोनों विदेश मंत्रियों की बातचीत फ़ोन पर हुई.
उस समय प्रणव मुखर्जी जोधपुर में थे और शाह महमूद क़ुरैशी दिल्ली में एक पत्रकारवार्ता को संबोधित कर रहे थे.
इससे पहले प्रणव मुखर्जी कह चुके थे कि मुंबई चरमपंथी हमलों में पाकिस्तानी तत्वों का हाथ है और शाह महमूद क़ुरैशी कह चुके थे कि इन हमलों को लेकर राजनीति नहीं की जानी चाहिए.
इस बीच भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी और प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गीलानी से बात करके ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख को भारत भेजने की बात कही है.
चेतावनी
पत्रकारवार्ता के बीच जब शाह महमूद क़ुरैशी को प्रणव मुखर्जी का फ़ोन मिला तो पहले तो वे पत्रकारों के बीच बैठे ही बात करते रहे फिर उन्होंने एक दूसरे कमरे में जाकर अपनी बात ख़त्म की.
भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार प्रणव मुखर्जी ने कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ द्विपक्षीय रिश्तों को आगे बढ़ाना चाहता है लेकिन 'पहले काबुल दूतावास और अब मुंबई में हुए हमले इसे असंभव बना रहे हैं.'
मुखर्जी ने 'कुछ तत्वों' का ज़िक्र करते हुए कहा कि मुंबई हमलों में उनका हाथ दिखता है. उन्होंने कहा, "ऐसे गुट और उनके समर्थक पाकिस्तान सरकार के हितों के ख़िलाफ़ काम कर रहे हैं."
और फिर महमूद क़ैरैशी ने भी माना कि पाकिस्तान में भी 'कुछ तत्व' हो सकते हैं जो भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में बाधा पहुँचाना चाहते हों.
उन्होंने इस बात का खंडन किया कि पाकिस्तान में चरमपंथियों के लिए कोई ट्रेनिंग कैंप चल रहा है.
क़ुरैशी ने मालेगाँव के मामले में हुई गिरफ़्तारियों के बाद आई ख़बरों का ज़िक्र किए बिना कहा, "समझौता एक्सप्रेस पर हुए हमलों के बाद भी कुछ इसी तरह की प्रतिक्रिया दी गई थी लेकिन हाल ही में हुई जाँच ने सारा रुख़ बदल कर रख दिया है हो सकता है बाद में मुंबई में हुए हमलों के मामले में भी तार कहीँ और जुड़ जाएँ."
उन्होंने सलाह दी कि दक्कन-मुजाहिदीन का लश्करे तैबा और अलक़ायदा के साथ संबंधों की भी जाँच की जानी चाहिए.
दक्कन मुजाहिदीन वह संगठन है जिसका नाम मुंबई के धमाकों के सिलसिले में सामने आया है.