बुधवार, 26 नवंबर, 2008 को 18:03 GMT तक के समाचार
भारत की व्यावसायिक राजधानी मुंबई में बड़े पैमाने पर चरमपंथी हमले हुए हैं जिसमें कम से कम 80 लोगों के मारे जाने और ढाई सौ से अधिक लोगों के घायल होने की ख़बरें हैं.
मारे गए लोगों में पाँच बड़े पुलिस अधिकारी हैं जबकि घायलों में कई विदेशी हैं.
बुधवार की रात एक साथ सात जगहों पर हुए इन हमलों में चरमपंथियों ने बम विस्फोट किए हैं और गोलीबारी की है.
एक टैक्सी में भी बम विस्फोट किए जाने की ख़बरें हैं.
पुलिस ने कहा है कि इन सुनियोजित हमलों में कई जगहों पर लोगों को बंधक बनाया गया. अधिकारियों का कहना है कि देर रात तक ये लोग वहाँ फँसे हुए थे और कम से कम तीन जगहों पर मुठभेड़ तड़के पाँच बजे भी चल रही थी.
इन मुठभेडों में आतंक निरोधी दस्ते (एटीएस) के प्रमुख हेमंत करकरे सहित पाँच बड़े अधिकारियों की मौत होने की भी ख़बरें हैं. वैसे कुल 11 पुलिसकर्मी मारे गए हैं.
मुंबई की ऐतिहासिक ताज होटल की उपरी मंज़िल पर आग लग गई है और फ़ायर ब्रिगेड के कर्मचारी लोगों को निकालने में लगे हुए हैं.
महाराष्ट्र के गृहमंत्री आरआर पाटिल के अनुसार दो चरमपंथियों को मारा गया है और नौ संदिग्ध लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
केंद्र की ओर से दो सौ एनएसजी कमांडो और सेना के 50 कमांडो को मुंबई भेजा गया है. इसके अलावा सेना की पाँच टुकड़ियों को वहाँ भेजा गया है और नौसेना को सतर्क रहने को कहा गया है.
अभी यह पता नहीं चल सका है कि इन हमलों के पीछे किस संगठन का हाथ है. केंद्र और राज्य सरकार ने इस बारे में फ़िलहाल कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है.
हथगोले और ऑटोमेटिक बंदूकें
बुधवार की रात जब हमलों की शुरुआत हुई तो मुंबई में अफ़रातफ़री मच गई और कई घंटों तक कोई भी यह बताने की स्थिति में नहीं था कि आख़िर मामला क्या है.
टेलीविज़न पर दिखाई गई तस्वीरों में पुलिस अधिकारियों को सड़क पर हाथ में रिवॉल्वर और बंदूक लिए गाड़ियों की तलाशी लेते हुए दिखाई पड़े.
मुंबई पुलिस ने इसे 'सुनियोजित आतंकवादी हमला' बताया है.
जिन अभिजात्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है उनमें मुंबई का ऐतिहासिक पाँच सितारा होटल ताज, होटल ऑबरॉय, मुंबई का मुख्य रेलवे स्टेशन छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (सीएसटी) और कामा अस्पताल शामिल है.
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमलावरों ने हथगोलों और एके-47 जैसी स्वचलित बंदूकों का इस्तेमाल कर रहे हैं.
महाराष्ट्र के गृहमंत्री आरआर पाटिल ने कहा है कि जानकारी मिली है कि हमलावर नौकाओं के ज़रिए मुंबई पहुँचे थे.
महाराष्ट्र सरकार ने गुरुवार को स्कूल कॉलेज बंद रखने का निर्णय लिया है और लोगों से कहा है कि वे सावधानी बरतें और पुलिस को उसका काम करने में सहयोग दें.
कई इलाक़ों को भारी पुलिस बल ने घेर रखा है.
विस्फोट से ओबरॉय होटल की लॉबी और कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए दिखाई पड़ रहे थे.
एक प्रत्यक्षदर्शी परेरा लेसली ने बीबीसी से हुई बातचीत में बताया कि रात नौ बजकर पचास मिनट पर दो युवकों ने छत्रपति शिवाजी टर्मिनस के भीतर दो बम विस्फोट किए.
उनका कहना है कि इसके बाद वहाँ धुँआ फैल गया और फिर वे ऑटोमेटिक बंदूक से गोलियाँ चलाने लगे.
जबकि मँझगाँव में एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी सलाम काज़ी ने बीबीसी को बताया कि उन्होंने एक टैक्सी में विस्फोट होता देखा और टैक्सी में सवार तीन लोगों की मौत हो गई.
उनका कहना है कि आसपास कई लोग इस विस्फोट से घायल हो गए.
इसके अलावा कई लोगों में बताया कि उन्होंने जगह-जगह गोलियाँ चलने की आवाज़ें सुनी.
केंद्रीय सहायता
केंद्रीय शिवराज पाटिल ने देर रात दिल्ली में पत्रकारों से हुई चर्चा में बताया कि केंद्र सरकार ने 200 एनएसजी कमांडो को मुंबई पुलिस की सहायता के लिए रवाना किया गया है.
उन्होंने बताया कि इसके अलावा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इस सहायता की माँग पर सेना के 50 कमांडो और सेना की पाँच टुकड़ियाँ वहाँ रवाना की गई हैं.
उन्होंने बताया कि सेना और नौसेना को तैयार रहने को कहा गया है.
केंद्रीय गृहमंत्री का कहना था कि महाराष्ट्र पुलिस महानिदेशक से लेकर मुंबई के पुलिस कमिश्नर तक सभी छोटे बड़े अधिकारी घटनास्थल पर हैं और कार्रवाई का दिशा निर्देशन कर रहे हैं.
उनका कहना था कि पुलिस कमिश्नर से मिली जानकारी के अनुसार कई जगह चरमपंथी घुसे हुए हैं और उनके पास अत्याधुनिक हथियार हैं.
शिवराज पाटिल के अनुसार चरमपंथियों ने कई जगह अंधाधुंध गोलियाँ चलाई हैं.
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा है कि अभी यह अनुमान लगाना ठीक नहीं होगा कि इन घटनाओं के पीछे कौन है.
यही बात महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने भी दोहराई है और कहा है कि आने वाले एक-दो दिनों में तस्वीर और साफ़ हो सकेगी.
हालात का जायज़ा लेने के लिए गृहमंत्री पाटिल मुंबई पहुँच गए हैं.