मंगलवार, 25 नवंबर, 2008 को 14:11 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान में स्कूली छात्राओं पर तेज़ाब से किए गए हमले के सिलसिले में अफ़ग़ानिस्तान की पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ़्तार किया है.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गिरफ़्तार किए गए लोगों में सभी तालेबान चरमपंथी हैं और उन लोगों ने हमले की ज़िम्मेदारी स्वीकार की है.
कंधार शहर में इस महीने की 12 तारीख़ को हुए इस हमले में कई स्कूली छात्राओं के चेहरे जल गए थे.
पूरी दुनिया में इस घटना की निंदा की गई थी. तालेबान ने इस हमले में अपना हाथ होने से इनकार किया था.
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने इस हमले में शामिल लोगों को गिरफ़्तार कर सरेआम सज़ा देनी की बात कही थी.
अफ़ग़ानिस्तान में आंतरिक मामलों के उपमंत्री जनरल दाउद ने संवाददाताओं से कंधार में बात करते हुए कहा, "ये हमले तालेबान ने किए थे. हमने अभी अपनी जाँच पूरी नहीं की है."
दाउद का कहना था कि हमलावर अफ़ग़ानिस्तान के थे जो पाकिस्तान से आए थे.
उन्होंने कहा, "हमलावरों को तालेबान का नेतृत्व मिला था. उन्हें बॉर्डर के पार उन लोगों से निर्देश मिल रहे थे जो कंधार में होने वाले चरमपंथी हमलों में शामिल हैं."
इस हमले में मोटर साईकल सवार दो लोगों ने कम से कम 15 स्कूली छात्राओं और शिक्षिकाओं के ऊपर तेज़ाब फेंक दिया था.
कुछ छात्राएँ बुर्का पहने हुई थी इस वजह से उनका कुछ बचाव हो पाया.
स्त्री शिक्षा का विरोध
संवाददाताओं का कहना है कि संभव है कि ये हमले उन लोगों ने किए हों जो महिलाओं की शिक्षा के विरोध में हैं.
तालेबान ने अफ़ग़ानिस्तान में अपने शासन के दौरान छात्राओं के स्कूल जाने पर प्रतिबंध लगा दिया था.
तालेबान के एक प्रवक्ता ने इस हमले में तालेबान का हाथ होने से इनकार किया था.
काबुल में मौजूद बीबीसी के संवाददाता संजय मजूमदार का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान के कई लोग स्कूली छात्राओं पर होने वाले हमलों के लिए तालेबान को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं.
अफ़ग़ानिस्तान में सरकार महिलाओं की शिक्षा को बढ़ावा दे रही है बावजूद इसके महिलाओं की शिक्षा का स्तर काफ़ी कम है.
हाल के वर्षों में चरमपंथियों ने सैकड़ों स्कूलों और छात्राओं को अपना निशाना बनाया है.