रविवार, 23 नवंबर, 2008 को 15:20 GMT तक के समाचार
बांग्लादेश में संसद के लिए चुनाव अब 29 दिसंबर को होंगे. पहले चुनाव 18 दिसंबर को होने थे. लेकिन बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने चुनाव की तारीख़ आगे बढ़ा दी है.
बांग्लादेश के मुख्य चुनाव आयुक्त एटीएम शमसुल हुदा ने बताया कि नई तारीख़ देश की दो प्रमुख राजनीतिक पार्टियों आवामी लीग और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी से विचार-विमर्श के बाद तय की गई है.
ख़ालिदा ज़िया के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) जनवरी में चुनाव चाहती थी लेकिन शेख़ हसीना की पार्टी आवामी लीग का कहना था कि चुनाव में देरी करना ग़लत होगा.
ढाका से बीबीसी संवाददाता मार्क डमेट का कहना है कि नई तारीख़ समझौते के बाद तय हुई है. वैसे तो बांग्लादेश में वर्ष 2006 में ही संसदीय चुनाव होने वाले थे. लेकिन हड़ताल और हिंसा के कारण सेना ने पहल की और देश में आपातकाल लगा दिया गया.
विरोध
भ्रष्टाचार के आरोप में शेख़ हसीना और ख़ालिदा ज़िया दोनों को जेल भी भेजा गया. लेकिन माहौल बदला और दोनों नेताओं को रिहा कर दिया गया.
पूर्व प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया की पार्टी बीएनपी संसदीय चुनाव 18 दिसंबर को कराने का विरोध कर रही थी. पार्टी का कहना था कि चुनाव जनवरी में कराए जाए ताकि उसे तैयारी का और समय मिले.
लेकिन आवामी लीग चुनाव की तिथि आगे बढ़ाने को ग़लत बता रही थी. बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़ बांग्लादेश की अंतरिम सरकार चाहती थी कि इस मामले पर टकराव न बढ़े.
चुनाव में दोनों प्रमुख पार्टियाँ हिस्सा लें, इसलिए विचार-विमर्श के बाद समझौते की कोशिश हुई और फिर 29 दिसंबर की तारीख़ तय की गई.
सैनिक नियंत्रण वाली अंतरिम सरकार ने वादा किया है कि ये चुनाव अब तक का सबसे शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव होगा.
नई तारीख़ की घोषणा करने के बाद बांग्लादेश के मुख्य चुनाव आयुक्त ने उम्मीद जताई कि सोमवार से दोनों पार्टियाँ फिर प्रचार शुरू कर देंगी.