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शनिवार, 22 नवंबर, 2008 को 05:35 GMT तक के समाचार

फ़ैसल मोहम्मद अली
बीबीसी संवाददाता, बुधनी से

विकास के मुद्दे पर बँटे हैं मतदाता

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री विधानसभा चुनावों में विकास को मुख्य मुद्दा बता रहे हैं लेकिन ख़ुद उनके अपने विधानसभा क्षेत्र के मतदाता इस पर मिश्रित प्रतिक्रिया रखते हैं.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विकास के संदेश को जनता तक पहुँचाने के लिए कई कई तरह के प्रयास कर रह है. जैसे मोबाइल से भेजे जा रहे कुछ एसएमएस इस तरह के हैं, - "भेस बदल कर फिर आया है बंटाधार, इस बार करना है पर्मानेंट तड़ीपार, नहीं रुकेंगे विकास के क़दम."

अख़बारों में छप रहे इश्तहार में नारा भी है, 'हमारा प्रयास निरंतर विकास.'

मुख्या मंत्री शिवराज सिंह चौहान का दावा है कि कांग्रेस ने जो पिछले पचास सालों में नहीं किया वह उन्होंने पाँच सालों में कर दिखाया है.

लेकिन उन्हीं के विधानसभा क्षेत्र बुधनी के गाँव पानगुराडिया गाँव के एक व्यक्ति कहते हैं, "हमारे यहाँ कोई विकास नहीं हुआ, पंचायत के छोटे मोटे काम जो होते थे वह पिछले कई सालों से बंद हैं, बिजली जिसके नाम पर यह सरकार सत्ता में आई या तो आती ही नहीं या वोल्टेज इतना कम होता है की किसानों के पंप ही नहीं चलते. खेत के खेत सूखे पड़े हैं."

सरकारी दावा

राज्य सरकार का दावा है उसके काल में बिजली उत्पादन क्षमता दो हज़ार नौ सौ मेगावाट से बढ़ कर 61 हज़ार मेगावाट हो गई, किसानों को सस्ती बिजली मुहैया कराई गई, 40 हज़ार किलोमीटर नई सड़कें बनीं और 7400 गाँव पक्की सड़कों से जुड़े.

पानगुराडिया के ही एक अन्य मतदाता इस पर कहते हैं, "सड़कें तो बनी होगीं? वह आप ही देख लो, यहाँ तो मिटटी दिख रही है आगे गड्ढे ही गड्ढे हैं."

पानगुराडिया कांग्रेस समर्थकों का गाँव हो सकता है लेकिन अगले गाँव माथनी में भी बुज़ुर्ग अनोखीलाल और रविशंकर मालवीय अलग तरह की बात नहीं करते.

लेकिन इन दोनों गाँवों के उलट रहती ख़ास जहाँ से शिवराज सिंह चौहान ने अपना राजनीतिक सफ़र शुरू किया वहाँ के कई लोगों ने बेहतर बिजली मिलने, ग़रीब लड़कियों की शादी सरकारी खर्चे से करवाए जाने और स्वास्थ्य क्षेत्र में मदद की बाद करते हैं.

'एकतरफ़ा मुक़ाबला'

मुख्यमंत्री समर्थक एक युवक का कहना है "पिछली सरकारों द्वारा की गई बुरी हालत के कारण चौबीसों घंटे बिजली दे पाना तो किसी सरकार के लिए मुश्किल है मगर यहाँ हालत पहले से बहुत बेहतर हैं."

उनके रिश्तेदार भगीरथ मुकाती कहते हैं, "कांग्रेस ने यहाँ से कमज़ोर उम्मीदवार दिया है इसलिए मामला बिल्कुल एकतरफ़ा दिख रहा है, अगर पहले लड़ चुके राजकुमार पटेल होते तो चुनाव दमदार होता वैसे जीतेंगें शिवराज भैया ही."

मुख्यमंत्री का पद सँभालने के बाद हुए उपचुनाव में शिवराज सिंह चौहान ने बुधनी से 36 हज़ार से अधिक मतों से रिकॉर्ड जीत दर्ज कराई थी.

इस बार पार्टी प्रत्याशियों के लिए प्रदेश भर में वोट मांग रहे मुख्य मंत्री यहाँ नहीं हैं. उनकी तरफ़ से प्रचार की कमान संभल रखी है उनकी पत्नी साधना सिंह यानी 'भाभीजी' ने, जैसा कि इलाक़े के लोग उन्हें संबोधित करते हैं.

एक मतदाता कहता है, "भाजपा से कोई खड़ा होता हम उसी को वोट देते क्योंकि जब विधायक पार्टी का होगा तभी तो भैया मुख्यमंत्री बनेंगें."