गुरुवार, 20 नवंबर, 2008 को 18:59 GMT तक के समाचार
मालेगाँव बम धमाके की अभियुक्त साध्वी प्रज्ञा सिंह के बचाव में भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी के उतर आने के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उनसे टेलीफ़ोन पर बात की है.
प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन इस मामले की जानकारी देने के लिए शुक्रवार को लालकृष्ण आडवाणी से मिलेंगे.
समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में आडवाणी ने प्रधानमंत्री से बातचीत की पुष्टि की.
उनका कहना था कि प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि इस सिलसिले में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शुक्रवार को उनसे मिलेंगे.
आडवाणी का कहना था कि उन्होंने प्रधानमंत्री से ख़ुद साध्वी प्रज्ञा सिंह के हलफ़नामे को पढ़ने का अनुरोध किया.
उनका कहना था,'' हलफ़नामा पढ़ने के बाद मैं स्तब्ध रह गया कि कैसे किसी शख्स के साथ ऐसा व्यवहार किया जा सकता है और अवैध रूप से हिरासत में रखा जा सकता है.''
उल्लेखनीय है कि आडवाणी ने छत्तीसगढ़ के चुनावी दौरे के दौरान महाराष्ट्र की आतंकवादी निरोधक शाखा (एटीएस) की नीयत पर शक करते जताते हुए कहा था कि साध्वी के ख़िलाफ़ मामला राजनीति से प्रेरित है.
आडवाणी का कहना था कि उन्हें यकीन नहीं होता कि एक साध्वी और वो भी महिला के साथ इस तरह का बर्बर व्यवहार किया जा रहा है.
आडवाणी ने माँग की थी कि साध्वी के आरोपों की जाँच होनी चाहिए.
उनका कहना था कि साध्वी के ख़िलाफ़ एटीएस के आरोपों पर वो चुप रहे हैं लेकिन हलफ़नामे को पढ़ने के बाद वो ये राय जाहिर कर रहे हैं.
दूसरी ओर गुरुवार को महाराष्ट्र पुलिस की आतंकवाद निरोधक शाखा (एटीएस) ने मालेगाँव धमाके के सिलसिले में गिरफ़्तार 10 अभियुक्तों के ख़िलाफ़ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) लगाया है.
मकोका लगाने से एटीएस बिना चार्जशीट के अभियुक्तों को ज़्यादा दिनों तक हिरासत में रख सकती है.
इसमें साध्वी प्रज्ञा सिंह और सेना के मौजूदा अधिकारी लेफ़्टिनेंट कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित शामिल हैं.