मंगलवार, 18 नवंबर, 2008 को 02:46 GMT तक के समाचार
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया ने सरकार से दो दिनों के भीतर आपातकाल हटाने की माँग की है.
उनका कहना है कि यदि सरकार ऐसा क़दम नहीं उठाती है तो उनकी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) चुनावों में हिस्सा नहीं लेगी.
पार्टी के कार्यकर्ताओं और अपने समर्थकों से मुलाक़ात के बाद ख़ालिदा ज़िया ने सोमवार को यह चेतावनी जारी की है.
बांग्लादेश में 18 दिसंबर को चुनाव होने हैं.
सेना समर्थित सरकार ने क़ानून व्यवस्था की ख़राब स्थिति का हवाला देते हुए जनवरी, 2007 में देश में आपातकाल लागू करने की घोषणा की थी.
इसके अलावा ख़ालिदा ज़िया ने सरकार से चुनाव स्थिगत करने की माँग करते हुए कहा है कि जो लोग हज यात्रा पर गए हुए हैं उनके लौटने तक चुनाव टाल देना चाहिए जिससे कि तीर्थयात्रा पर गए लोग भी अपने मतों का प्रयोग कर सकें.
बांग्लादेश की राजधानी ढाका से बीबीसी संवाददाता मार्क डमेट ने ख़बर दी है कि इस साल कोई 60 हज़ार लोग हज के लिए गए हुए हैं.
संभावना है कि ये सभी तीर्थ यात्री दिसंबर के अंत तक वापस लौट सकेंगे.
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बीएनपी नेता ख़ालिदा ज़िया ने ऐसा कड़ा रुख़ इसलिए भी अपनाया है क्योंकि अवामी लीग की नेता शेख़ हसीना की पार्टी चुनाव जीतती दिख रही हैं.
शेख़ हसीना की जीत के बाद देश में अलोकप्रिय साबित हुई कामचलाऊ सरकार का दो साल का शासन ख़त्म हो जाएगा.
बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि सरकार पर यह दबाव तो है कि वह ख़ालिदा ज़िया की माँगे आंशिक रुप से तो स्वीकार ही करे.
सरकार ने देश में सबसे निष्पक्ष चुनाव करवाने का वादा किया है और उसने सभी राजनीतिक दलों से इसमें भाग लेने की अपील की है.
पिछले हफ़्ते ही ख़ालिदा ज़िया की पार्टी पदाधिकारियों ने कहा था कि वे अपनी प्रतिद्वंद्वी शेख़ हसीना से चुनाव से पहले चर्चा करना चाहती हैं.
इन दोनों नेताओं में पिछली दिसंबर के बाद से कोई चर्चा नहीं हुई है.