सोमवार, 17 नवंबर, 2008 को 12:00 GMT तक के समाचार
महाराष्ट्र में नासिक की अदालत ने मालेगाँव धमाके के 10 में से आठ अभियुक्तों की न्यायिक हिरासत की अवधि 29 नवंबर तक के लिए बढ़ा दी है. इनमें साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर भी शामिल हैं.
अदालत ने गुजरात पुलिस की उस याचिका को नामंज़ूर कर दिया जिसमें उन्होंने इनमें से नौ अभियुक्तों से पूछताछ की अनुमति मांगी थी.
महाराष्ट्र पुलिस की आतंकवाद निरोधक शाखा (एटीएस) ने आठों अभियुक्तों को अतिरिक्त जज एचके गणात्रा की अदालत में पेश किया. एटीएस ने न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ाने की मांग करते हुए दलील दी कि अभी जाँच जारी है.
एटीएस की ओर से अदालत में पेश हुए विशेष वकील अजय मिश्रा ने अदालत से कहा की कि मालेगाँव धमाके की जाँच अभी चल रही है. अदालत ने एटीएस की मांग को मंज़ूर कर लिया.
गुजरात पुलिस को झटका
लेकिन अदालत ने गुजरात पुलिस की उस याचिका को ठुकरा दिया जिसमें उन्होंने मालेगाँव धमाके के सिलसिले में गिरफ़्तार नौ अभियुक्तों से पूछताछ की मंशा जाहिर की थी.
गुजरात पुलिस की ओर से पुलिस उपाधीक्षक केके मैसूरवाला अदालत में पेश हुए. इस बीच साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के वकील ने अदालत में आवेदन दिया है कि एटीएस साध्वी के साथ अच्छा व्यवहार नहीं कर रही है.
इसी मामले में एक अन्य अभियुक्त रिटायर्ड मेजर रमेश उपाध्याय ने अदालत को बताया है कि उन्हें पत्र भेजने तक की अनुमति नहीं दी जा रही है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि जेल नियमों के मुताबिक़ जो सुविधाएँ उन्हें मिलनी चाहिए थी वे भी नहीं मिल रही हैं.
मालेगाँव धमाके के सिलसिले में एटीएस ने साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और सेना के कुछ वर्तमान और पूर्व अधिकारियों को गिरफ़्तार किया गया है. 29 सितंबर को हुए मालेगाँव धमाके में पाँच लोग मारे गए थे.