सोमवार, 17 नवंबर, 2008 को 12:55 GMT तक के समाचार
जम्मू-कश्मीर में अलगाववादियों के चुनाव बहिष्कार के आह्वान और कड़ाके की सर्दी के बावजूद चुनावों के पहले चरण में क़रीब 55 प्रतिशत मतदान हुआ है.
राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी बीआर शर्मा ने श्रीनगर में पत्रकारों को ये जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बांदीपुरा ज़िले के गुरेज़ निर्वाचन क्षेत्र में सबसे ज़्यादा 74 प्रतिशत तक मतदान हुआ.
उन्होंने बताया, "गुरेज़ के बाद मेंढ़र में 65 प्रतिशत, पूँछ में 64 प्रतिशत, सुरनकोट में 58, करगिल में 57, नोब्रा में 55 और लेह में 53 फ़ीसदी मतदान हुआ."
राज्य में सात चरणों में मतदान होने हैं जिसका पहला चरण सोमवार को संपन्न हो गया.
कश्मीर घाटी के बांदीपोरा, सोनावारी और गुरेज़ सेक्टरों में भारी बर्फबारी हुई लेकिन इसके बावजूद लोग वोट देने के लिए बाहर निकले.
घाटी में कुछ अलगाववादी दलों ने चुनाव का बहिष्कार करने का आह्वान किया था लेकिन इसका कोई ख़ास असर देखने को नहीं मिला.
आचार संहिता का उल्लंघन
इससे पहले मतदान के दौरान पूँछ ज़िले में पाँच अधिकारियों को चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए पाया गया और उन्हें तत्काल हटा दिया गया है.
पूँछ के उपायुक्त मोहम्मद अफ़ज़ल बट ने बताया कि ये चारों अधिकारी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार रफ़ीक हुसैन ख़ान के रिश्तेदार के घर में ठहरे हुए थे जो ग़लत है.
बट के अनुसार आचार संहिता की धारा 141 के तहत ये आचार संहिता का उल्लंघन है. इन चारों अधिकारियों को गिरफ़्तार कर लिया गया है और इनके स्थान पर नए अधिकारियों को नियुक्त कर दिया गया है.
जम्मू-कश्मीर में सोमवार को चार ज़िलों की 10 सीटों के लिए मतदान हुआ है. ये ज़िले हैं पूँछ, बांदीपुरा, करगिल और लेह.
इन जगहों पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे और सिर्फ़ पूँछ में ही अर्धसैनिक बलों की 80 कंपनियाँ तैनात की गई थीं.