सोमवार, 17 नवंबर, 2008 को 11:19 GMT तक के समाचार
सोमालिया में दो महीने तक समुद्री लुटेरों के बंधक रहने के बाद रिहा हुए जापानी मालवाहक जहाज स्टाल्ट वेलर का भारतीय चालक दल घरवापसी की राह पर है.
स्टाल्ट वेलर नाम का ये जहाज हॉंगकॉंग की फ्लीट शिप मैनेजमेंट कंपनी का है और इस जहाज के कैप्टन ऑफ द वेसल यानी चालक दल के मुखिया कैप्टन प्रभात कुमार गोयल हैं.
कप्तान प्रभात कुमार गोयल की पत्नी सीमा गोयल ने कहा कि उनके पति का मानना है कि जहाज़ के बाकी सदस्य अब भी ख़तरे में हैं.
सोमालिया के जलदस्युओं ने 18 भारतीय सदस्यों वाले इस जहाज़ स्टाल्ट वेलर का सोमालिया की अदन की खाड़ी से 15 सितंबर को अपहरण कर लिया था.
सोमालिया में जल दस्युओं की धमकियों अंतरराष्ट्रीय चिंता की वजह बनी हुई हैं.
इस साल 80 से भी ज़्यादा जहाज़ों को सोमालिया में अगवा किया जा चुका है.
उत्साहित
सीमा गोयल ने अपने पति से फ़ोन पर बातचीत होने के बाद बीबीसी से कहा, "जहाज़ तेज़ गति से वापसी की राह पर है. उन्हें अभी भी ख़तरे से बाहर आने के लिए लंबी दूरी तय करनी होगी. उम्मीद है कि शाम तक हमें यह पता लग जाएगा कि वे ख़तरे से बाहर हैं."
सीमा गोयल ने अपने पति की रिहाई के लिए बड़ा मीडिया अभियान चलाया था.
उन्होंने कहा, "जहाज़ के सदस्य पिछले दिनों की परेशानियों की वजह से शारीरिक और मानसिक दोनों ही तरह से थक चुके हैं और तनाव में हैं."
उनके अनुसार, "उनमें अच्छा जोश हैं... मेरे पति बहुत उत्साहित हैं और हम उनके लौटने की उम्मीद कर रहे हैं."
भारतीय मीडिया रिपोर्ट बताती हैं कि जापानी जहाज़ के मालिक की ओर से जहाज़ और जहाज़ के सदस्यों को छोड़ने के लिए लुटेरों को एक बड़ी रकम अदा की गई है. लेकिन मालिकों की ओर से अभी इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है.
नौसेना की तैनाती
भारतीय नौसेना का कहना है कि पिछले सप्ताह भारतीय नौसेना ने अपने युद्धक पोत से सोमालिया से एक और जहाज़ को अगवा करने की समुद्री लुटेरों की कोशिश को विफल कर दिया था.
उन्होंने कहा कि पिछले सोमवार को नौसेना के विमान से मरीन कमांडो के दस्ते ने हेलीकॉप्टर के ज़रिए लुटेरों को जहाज़ पर चढ़ने न देकर अगवा होने से बचा लिया.
भारतीय नौसेना ने पिछले महीने क्षेत्र में समुद्री लुटेरों से बचाव के लिए सोमालियाई जलसीमा में नौसैनिक युद्धपोत भेजे थे.
नौसेना को ओमान और यमन के बीच सफ़र करने वाले भारतीय जहाज़ों की रक्षा करने का आदेश दिया गया था.
पिछले 23 अक्तूबर से भारतीय नौसेना उस क्षेत्र में गश्त कर रही है. समुद्री रास्ते से होने वाले भारतीय व्यापार में इस रास्ते की अहम भूमिका है क्योंकि अधिकतर भारतीय जहाज़ इसी रास्ते से होकर आते-जाते हैं.
रसायनों से भरे इस जहाज़ में 23 हज़ार टन तेल उत्पाद हैं और इन्हें लेकर ये मुंबई आ रहा था कि बीच में ही समुद्री लुटेरों ने इसका अपहरण कर लिया.