शनिवार, 15 नवंबर, 2008 को 11:17 GMT तक के समाचार
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे को मुंबई की मझगांव अदालत ने ज़मानत दे दी है.
क्षेत्रीय विद्वेष भड़काने के मामले में झारखंड हाइकोर्ट ने उन्हें अग्रिम ज़मानत देने से मना कर दिया था, अब उन्हें 50 हज़ार रुपए के निजी मुचलके पर रिहा किया गया है.
राज ठाकरे शनिवार को मुंबई की मझगाँव अदालत में अपने वकील के साथ पेश हुए और आत्मसमर्पण किया.
जमशेदपुर की अदालत ने ग़ैर-मराठियों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में राज ठाकरे के ख़िलाफ़ ग़ैर-ज़मानती वारंट जारी किया था.
इससे पूर्व, राज ठाकरे ने मामले की सुनवाई जमशेदपुर की अदालत से मुंबई स्थानांतरित किए जाने को लेकर झारखंड उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी, लेकिन इस याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी थी.
राज ठाकरे को 17 नवंबर तक जमशेदपुर की अदालत में पेश होना था.
जमशेदपुर की अदालत में पेश होने से बचने के लिए राज ठाकरे ने शनिवार को मझगाँव अदालत में आत्मसमर्पण किया.
हिंदी भाषी उत्तर भारतीय समुदाय के प्रति विद्वेष आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करने और विद्वेष भड़काने के मामले में यह उनकी तीसरी गिरफ़्तारी थी.