शनिवार, 15 नवंबर, 2008 को 15:21 GMT तक के समाचार
मालेगाँव धमाकों के मामले में एक संदिग्ध लेफ़्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित पर एक और गंभीर आरोप लगा है.
महाराष्ट्र पुलिस की आतंकवाद निरोधक शाखा (एटीएस) को शक है कि समझौता एक्सप्रेस धमाके में भी कर्नल पुरोहित की भूमिका थी.
शनिवार को एटीएस ने कर्नल पुरोहित को नासिक की एक अदालत में पेश किया.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ एटीएस ने अदालत को बताया कि उसे शक है कि कर्नल पुरोहित ने समझौता एक्सप्रेस धमाके के लिए आरडीएक्स उपलब्ध कराया था.
पिछले साल 18 फरवरी को समझौता एक्सप्रेस में हुए धमाके में 66 लोग मारे गए थे. एटीएस के अनुरोध पर अदालत ने श्रीकांत पुरोहित को 18 नवंबर तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है.
दावा
एटीएस ने अदालत को बताया कि वह समझौता एक्सप्रेस धमाके के बारे में भी श्रीकांत पुरोहित से और पूछताछ करना चाहती है.
एटीएस का दावा है कि कर्नल पुरोहित ने ही भगवान नाम के एक व्यक्ति को आरडीएक्स दिया था, जिस पर समझौता एक्सप्रेस में धमाका करने का गंभीर आरोप है.
एटीएस के वकील अजय मिश्रा ने अदालत को बताया कि मालेगाँव धमाके में भी आरडीएक्स के इस्तेमाल की आशंका है और इस सिलसिले में पुलिस पुरोहित से और पूछताछ करना चाहती है.
एटीएस ने अदालत को यह भी बताया है कि वह पुरोहित से यह भी जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहा है कि उन्हें आरडीएक्स कहाँ से मिला था.
सबूत
एटीएस के वकील अजय मिश्रा ने अदालत को यह भी बताया कि उनके पास इस बात के सबूत हैं कि मालेगाँव धमाकों के सिलसिले में गिरफ़्तार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और स्वयंभू धार्मिक नेता दयानंद पांडे के बीच संपर्क था.
एटीएस ने अदालत को यह भी जानकारी दी है कि मालेगाँव धमाकों की जाँच के क्रम में यह भी पता चला है कि दयानंद पांडे ने ही श्रीकांत पुरोहित का परिचय रामजी कलसंगरा से कराई थी, जो फ़रार है.
अदालत ने श्रीकांत पुरोहित की उस याचिका को ठुकरा दिया जिसमें उन्होंने पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था. श्रीकांत पुरोहित ने ख़ुद इस आरोप को ग़लत बताया.
इसी साल 29 सितंबर को मालेगाँव में हुए धमाके में पाँच लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे. इस मामले में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को सबसे पहले गिरफ़्तार किया गया था. उसके बाद सेना के अधिकारी भी जाँच के दायरे में आए.