शनिवार, 15 नवंबर, 2008 को 05:20 GMT तक के समाचार
भारत प्रशासित राज्य जम्मू कश्मीर में नेशनल कॉन्फ़्रेंस ने अपील की है कि ख़राब मौसम को देखते हुए वहाँ चुनाव मार्च-अप्रैल तक टाल देने चाहिए.
नेशनल कॉन्फ़्रेंस के अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा है घाटी में शुरु हुई बर्फ़बारी के बाद लगता है कि चुनाव प्रचार और मतदान में दिक़्कत आएगी इसलिए चुनाव टाल देना चाहिए.
लेकिन चुनाव आयोग ने कहा है कि उसके पास घाटी में चुनाव करवाने के लिए आपात योजना तैयार है और चुनाव नहीं टाले जाएँगे.
राज्य में विधानसभा चुनावों के पहले चरण का मतदान 17 नवंबर को होना है.
गुरुवार को कश्मीर घाटी में इस मौसम का पहला हिमपात हुआ है. हालांकि शनिवार को वहाँ बर्फ़बारी नहीं हो रही है लेकिन मौसम ख़राब बना हुआ है.
अपील और इनकार
श्रीनगर में बीबीसी संवाददाता अल्ताफ़ हुसैन का कहना है कि उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा है कि मौसम की वजह से चुनाव प्रक्रिया पूरी करना आसान नहीं होगा.
उनका कहना था कि श्रीनगर में इससे पहले कभी नवंबर के मध्य में इतनी बर्फ़बारी नहीं हुई थी.
उनका कहना था, "बर्फ़बारी की वजह से न तो मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे और न राजनीतिक दल प्रचार कर सकेंगे."
अपने बयान में उन्होंने कहा है कि ख़राब मौसम का असर जम्मू इलाक़े के ऊपरी क्षेत्रों में भी होगा और लद्दाख़ में भी और इसलिए चुनाव आयोग को चुनाव मार्च-अप्रैल तक टाल देना चाहिए.
उन्होंने कहा कि हालांकि नेशनल कॉन्फ़्रेस को मतदाताओं का ज़ोरदार समर्थन मिल रहा है लेकिन फिर भी ख़राब मौसम को देखते हुए यह अपील करनी पड़ रही है.
लेकिन दिल्ली में चुनाव आयोग ने दिल्ली में कहा है कि उसे चुनाव टालने का कोई अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ है और 17 नवंबर को होने वाले पहले चरण के चुनाव टालने की उसकी कोई योजना नहीं है.
समाचार एजेंसियों ने उपचुनाव आयुक्त आर भट्टाचार्य के हवाले से कहा है कि पहले चरण के चुनाव के लिए आयोग के पास सभी आपात और वैकल्पिक तैयारियाँ हैं इसलिए चुनाव तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार ही होंगे.
उनका कहना था कि बर्फ़बारी के बावजूद मतदान कर्मियों को मतदान केंद्रों तक पहुँचाया जा रहा है और चुनाव की तैयारियाँ पूरी हैं.