गुरुवार, 13 नवंबर, 2008 को 12:59 GMT तक के समाचार
अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि अफ़ग़निस्तान में एक आत्मघाती कार बम हमले में सात आम नागरिकों और एक अमरीकी सैनिक की जानें गई हैं.
ये आत्मघाती हमला पूर्वी सूबा नंगरहार की राजधानी जलालाबाद के तोरखम में अमरीकी सैनिकों के एक क़ाफ़िले पर हुआ. ये इलाक़ा पाकिस्तान की सीमा के क़रीब स्थित है.
धमाका भीड़ भाड़ वाले फल और जानवरों के बाज़ार के नज़दीक हुआ है.
अधिकारियों के अनुसार 70 से अधिक लोग घायल हैं और उन्हें अस्पताल में दाख़िल कराया जा चुका है.
स्थानीय गवर्नर ख़ैबर मोहम्मद का कहना है कि मरने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो सकती है.
सैनिक निशाने पर
ग़ौरतलब है कि अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिण-पूर्व में नेटो और अफ़ग़ान सैनिक तालेबान और अलक़ायदा के ख़िलाफ़ लड़ रहे हैं और इस दौरान
यहां ये सैनिक अक्सर चरमपंनथियों का निशाना बनते हैं.
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सामाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार " हमलावर ने अमरीकी सैनिकों के एक क़ाफ़िले के नज़दीक विस्फोटक से लदी गाड़ी को उड़ा दिया."
घटना स्थल पर मौजूद समाचार एजेंसी एपी के एक फ़ोटोग्राफर का कहना है कि एक अमरीकी सैन्य गाड़ी, दो अन्य गाड़ियाँ और दो रिक्शा धमाके में बुरी तरह से तबाह हो गए.
एएफ़पी ने एक अमरीकी मेजर जॉन रेडफ़िल्ड के हवाले से ख़बर दी है कि हमले में एक अमरीकी सैनिक घायल हो गया लेकिन अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई.
इस वर्ष अब तक अफ़ग़निस्तान में मारे गए अमरीकी सैनिकों की संख्या 148 हो गई है. वार्षिक स्तर पर वर्ष 2001 के बाद अफ़ग़ानिस्तान में मारे गए सैनिकों की ये सबसे बड़ी संख्या है.
इस समय 33,000 अमरीकी सैनिक अफ़ग़ानिस्तान में तैनात हैं.
अमरीकी राष्ट्रपति जॉज बुश ये घोषणा कर चुके हैं कि अगले वर्ष की शुरुआत में 4500 और अमरीकी सैनिक अफ़ग़ानिस्तान भेजे जाएंगे.
बुधवार को दो ब्रिटिश मरीन अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिणी राज्य हेलमंद में भी मारे गए थे.
संवाददाताओं का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान में हिंसक वारदातों में इज़ाफ़ा होता जा रहा है क्योंकि अफ़गानिस्तान सरकार अब भी एक कमज़ोर सरकार है जबकि विदेशी सैनिकों को संसाधनों की कमी है.