बुधवार, 12 नवंबर, 2008 को 14:16 GMT तक के समाचार
रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी के उत्तर प्रदेश संवाददाता
महाराष्ट्र पुलिस की आतंकवाद निरोधक शाखा (एटीएस) ने मालेगाँव में हुए धमाके के सिलसिले में उत्तर प्रदेश के कानपुर से पूछताछ के लिए एक साधु को हिरासत में लिया है.
यह जानकारी उत्तर प्रदेश पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (क़ानून-व्यवस्था) बृजलाल ने बुधवार को लखनऊ में एक संवाददाता सम्मेलन में दी.
उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र की एटीएस ने मालेगाँव धमाकों के सिलसिले में दयानंद पांडेय उर्फ़ अमृतानंद को हिरासत में लिया है.
बृजलाल ने बताया कि नासिक की अदालत के निर्देश पर उत्तर प्रदेश की एटीएस ने महाराष्ट्र एटीएस को पूरा सहयोग किया.
दयानंद पांडेय उर्फ़ अमृतानंद से पूछताछ के बाद महाराष्ट्र की एटीएस अब यह तय करेगी कि उन्हें गिरफ़्तार करना है या नहीं.
कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक दयानंद पांडेय उत्तर प्रदेश के वाराणसी के निवासी हैं. उनका दावा है कि वे जम्मू कश्मीर के जम्मू में स्थित शारदा सर्वज्ञा पीठ के मुखिया हैं.
संन्यास लेने के बाद उनका नाम बदलकर अमृतानंद हो गया है.
संवाददाता सम्मेलन में बृजलाल ने स्पष्ट किया कि उनके अलावा उत्तर प्रदेश का कोई भी व्यक्ति मालेगाँव धमाकों के सिलसिले में वांछित नहीं है.
महाराष्ट्र एटीएस ने इसके पहले मालेगाँव धमाकों के सिलसिले में पाँच नवंबर को लेफ़्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित को गिरफ़्तार किया था.
आतंकवादी घटनाओं के सिलसिले में शायद पहली बार भारतीय सेना के किसी अधिकारी को गिरफ़्तार किया गया था.
हिंदुत्ववादी संगठन
महाराष्ट्र एटीएस मालेगांव में हुए बम विस्फोट के सिलसिले में लेफ़्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित और हिंदुत्ववादी संगठनों से जुड़ी रहीं साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के साथ-साथ अबतक दस लोगों को गिरफ़्तार कर चुकी है.
महाराष्ट्र के मालेगाँव के भीखू चौक के पास इसी साल 29 सितंबर को हुए एक बम धमाके में पाँच लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे.
धमाके के बाद वहाँ स्थानीय लोगों ने पुलिस के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया था. इसके बाद पुलिस ने फ़ायरिंग की थी जिसमें कई लोग घायल हो गए थे.
इस धमाके के सिलसिले में हिंदुत्ववादी संगठन से जुड़ी एक साध्वी और सेना के एक अधिकारी की गिरफ़्तारी के बाद आतंकवाद और चरमपंथ पर भारत में एक नई तरह की बहस शुरू हो गई है.