मंगलवार, 11 नवंबर, 2008 को 04:40 GMT तक के समाचार
ख़बरें हैं कि टिकट बेचने के आरोप लगाने के बाद विवादों से घिरीं कांग्रेस महासचिव मार्गरेट अल्वा ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.
समाचार माध्यमों का कहना है कि उन्होंने अपना इस्तीफ़ा सोनिया गांधी को भेज दिया है. हालांकि कांग्रेस पार्टी की ओर से इसकी पुष्टि नहीं हुई है.
उल्लेखनीय है कि मार्गरेट अल्वा ने कहा था कि कर्नाटक में हुए विधानसभा चुनावों में पार्टी के टिकट बिके थे.
इसके बाद उनके ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई थी.
हालांकि उनके समर्थन में गुजरात के दलित नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री योगेंद्र मकवाना सामने आ गए थे.
अनसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रमुख मकवाना का कहना था कि मार्गरेट अल्वा ने जो कहा है, उसकी जाँच कराई जानी चाहिए.
आरोप ठुकराए
लेकिन कांग्रेस पार्टी ने मार्गरेट अल्वा के आरोपों को ठुकरा दिया है.
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में कहा था, "कांग्रेस पार्टी ऐसे बयानों से सहमत नहीं है. ऐसी शिकायतों को सार्वजनिक रूप से नहीं जाहिर करना चाहिए."
माना जा रहा है कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में मार्गरेट अल्वा अपने बेटे को टिकट नहीं दिए जाने को लेकर नाराज़ हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी विभिन्न राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट के बँटवारे को लेकर 'अलग मापदंड' अपना रही है.
उन्होंने सवाल किया था कि उनके बेटे और पूर्व केंद्रीय मंत्री सीके जाफ़र शरीफ़ के पोते को क्यों टिकट नहीं दिया गया.
मार्गरेट अल्वा का कहना है कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राज्यस्थान और भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में होने वाले चुनाव में अनके नेताओं के सगे-संबंधियों को टिकट दिया गया है.