सोमवार, 10 नवंबर, 2008 को 05:57 GMT तक के समाचार
अल्ताफ़ हुसैन
बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर
भारत प्रशासित जम्मू कश्मीर के अलगाववादी हुर्रियत नेता अब्दुल ग़नी लोन की बेटी शबनम ग़नी लोन ने चुनाव लड़ने का फ़ैसला किया है. सोमवार को वो अपना नामांकन पत्र भर सकती हैं.
उन्होंने विधानसभा सीट कुपवाड़ा से चुनाव लड़ने का फ़ैसला किया है. उनके भाई और हुर्रियत कांफ़्रेंस के नेता बिलाल और सज्जाद ग़नी लोन ने इस चुनाव का बहिष्कार करने का फ़ैसला किया है.
इस बारे में शबनम ग़नी लोन का कहना है, "इसका तहरीक से कोई ताल्लुक नहीं है. हमारी कोशिश होगी कि हम किसी तरह से मुसीबतज़दा लोगों के काम आएँ."
शबनम ग़नी लोन भारत के सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील हैं.
उन्होंने कहा, "मेरे पिता का विश्वास था कि हर किसी को अपने निर्णय करने का अधिकार है और चुनाव लड़ना कोई ग़लत काम नहीं है लेकिन वे ख़ुद चुनाव नहीं लड़ना चाहते थे. वे अपना फ़ैसला कभी दूसरों पर लादना नहीं चाहते थे."
'मेरा फ़ैसला'
उनके अनुसार, "आतंकवाद के इस युग के दौरान हमारा सामाजिक ढाँचा नष्ट हो गया है. मैं लोगों की आँखों में फिर आत्मविश्वास देखना चाहती हूँ."
शबनम का कहना है कि लोगों ने मुझे कहा है कि आप आकर देखें कि उनकी हालत कैसी है?
शबनम ग़नी लोन सोमवार को नामांकन पत्र दाख़िल करने वाली हैं लेकिन अभी बहुत से लोगों को इस बारे में पता नहीं है.
हुर्रियत कांफ्रेंस ने तो चुनाव के बहिष्कार की घोषणा की है लेकिन अब तक चुनावों को लेकर आम लोगों की भी दिलचस्पी देखने को नहीं मिली है.
चुनाव के पहले चरण में 17 नवंबर को पुँछ और 23 नवंबर को राजौरी में चार सीटों पर चुनाव होना है.
उल्लेखनीय है कि किश्तवाड़ और डोडा जैसे इलाक़े में हुर्रियत और हिजबुल मुजाहिदीन के चुनाव बहिष्कार के बारे में पोस्टर ज़रूर देखने को मिले हैं.