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शनिवार, 08 नवंबर, 2008 को 21:26 GMT तक के समाचार

लाल कृष्ण आडवाणी की वेबसाइट लॉन्च

भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लाल कृष्ण आडवाणी के चुनाव अभियान में तेज़ी के लिए शनिवार को उनके नाम पर वेबसाइट लॉन्च की गई.

lkadvani.in नाम की इस वेबसाइट का उदघाटन लाल कृष्ण आडवाणी के जन्मदिन पर जनरल एसके सिन्हा ने किया.

इससे पहले, भाजपा ने लाल कृष्ण आडवाणी की जीवनी, मेरा देश मेरा जीवन, के नाम पर एक वेबसाइट mycountrymylife.com की शुरूआत की थी.

भाजपा का दावा है कि इस वेबसाइट पर काफी हिट्स आ रहे हैं जो इस बात का सूचक है कि लोगों की इस वेबसाइट में रुचि है.

पार्टी की कोशिश इस वेबसाइट के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक संपर्क साधने की है.

इस मौके पर आडवाणी ने इंटरनेट को 20वीं शताब्दी में मानव विकास में तीसरा सबसे बड़ा अविष्कार बताया.

उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में 10 करोड़ नए मतदाता होंगे और पार्टी का लक्ष्य ज़्यादा से ज़्यादा युवा वर्ग तक पहुँचना है.

ओबामा का असर

आडवाणी की ये वेबसाइट कई मायनों में अमरीकी राष्ट्रपति चुनावों में विजयी रहे बराक ओबामा से प्रभावित लगती है.

जिस एक शब्द को ओबामा ने अपने चुनाव अभियान में सबसे ज्यादा प्रयोग किया वो था अंग्रेज़ी शब्द चेंज यानी बदलाव.

आडवाणी की इस वेबसाइट को खोलें तो खुद आडवाणी आपका स्वागत करते हैं जिसमें वो अपने सपनों के भारत की बातें करते हैं.

अपने करीब दो मिनट के स्वागत भाषण में आडवाणी ओबामा की तर्ज पर चेंज यानी बदलाव की बात करते हैं.

अपने भाषण में आडवाणी उस वक़्त को याद करते हैं जब चुनाव बड़ी रैलियाँ और सभाएं करके लड़ा जाता था. रेडियो सरकार के कब्ज़े में होता था. लेकिन आज समय बदला है और ऐसा समय आया है जब ओबामा को पूरी दुनिया में देखा जाता है.

अंग्रेज़ी और हिंदी में उपलब्ध इस वेबसाइट में लाल कृष्ण आडवाणी के जीवन, भाषण, साक्षात्कार, यात्रा के कार्यक्रम, चुनाव अभियान की जानकारी के अलावा पार्टी की प्रेस विज्ञप्तियां मिलेंगी.

वेबसाइट पर आतंकवाद, राम सेतु, विदेश नीति आदि विषयों पर आडवाणी की टिप्पणियाँ दी गई हैं.

एक और ग़ौर करनेवाली बात यह है कि वेबसाइट के पहले पन्ने पर एक छोटे से बॉक्स में तेलंगाना राज्य के नक्शे के साथ लिखा है- जय तेलंगाना.

उल्लेखनीय है कि तेलंगाना मुद्दे को आंध्र प्रदेश में एक महत्वपूर्ण मुद्दे के तौर पर देखा जा रहा है और कांग्रेस पार्टी पर ख़ासा दबाव है कि वो तेलंगाना मुद्दे पर अपनी नीति स्पष्ट करे.