शुक्रवार, 07 नवंबर, 2008 को 05:14 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान में अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने तीन तालेबान चरमपंथियों को रिहा किया है जिनमें तालेबान का एक प्रमुख कमांडर शामिल है.
अधिकारियों का कहना है कि चरमपंथियों को बुधवार की शाम रिहा किया गया और इसके बदले में तालेबान ने 10 पाकिस्तानी सैनिकों को छोड़ा है.
पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी इलाक़े के हांगु ज़िले में यह अदला-बदली हुई है.
हांगु के मेयर ख़ान अफ़ज़ल का कहना है कि जिन सुरक्षाकर्मियों की रिहाई हुई है उनमें से सात सेना के हैं और तीन अर्धसैनिक बल के.
वरिष्ठ क़बायलियों की संस्था जिरगा ने इस अदला-बदली में मध्यस्थता की थी.
तालेबान कमांडर भी रिहा
जिन तीन तालेबान चरमपंथियों को रिहा किया गया है उनमें कमांडर मौलवी रफ़ीउद्दीन भी शामिल है.
उन्हें तालेबान नेता बैतुल्ला महसूद का क़रीबी माना जाता है.
उन्हें पिछली जुलाई में ही हांगु के दोआबा इलाक़े से गिरफ़्तार किया गया था.
उनकी गिरफ़्तारी के बाद सैकड़ों तालेबान ने दोआबा पुलिस स्टेशन को घेर लिया था लेकिन अधिकारियों ने उन्हें दूसरी सुरक्षित स्थान पर भिजवा दिया था.
इसके बाद तालेबान ने 12 से अधिक सैनिकों को बंधक बना लिया था और मौलवी रफ़ीउद्दीन को रिहा न करने पर तीन का सर धड़ से अलग कर दिया था.
इस घटना के बाद दोआबा में सैन्य कार्रवाई तेज़ हो गई थी जिसमें कम से कम 13 सैनिक और कई चरमपंथी मारे गए थे.
एक वरिष्ठ अधिकारी रहमान मलिक ने जुलाई में संवाददाताओं से कहा था कि मौलवी रफ़ीउद्दीन की गिरफ़्तारी एक अहम क़ामयाबी है और उनकी रिहाई का कोई प्रश्न ही नहीं है.
पुलिस का कहना है कि बैतुल्ला महसूद के लोगों ने अभी भी 20 से अधिक अधिकारियों को बंधक बना रखा है. ये सब असैन्य अधिकारी हैं.
महसूद एक तालेबान गुट का नेतृत्व करते हैं और उन पर बेनज़ीर भुट्टो की हत्या का षडयंत्र रचने का आरोप है.
हालांकि महसूद इस आरोप का खंडन करते हैं.