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शुक्रवार, 07 नवंबर, 2008 को 16:58 GMT तक के समाचार

बिहार के नेताओं के सुर अलग-अलग

महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों पर हमले के ख़िलाफ़ जनता दल (यूनाइटेड) के लोकसभा सांसदों के इस्तीफ़े को लेकर बयानबाज़ी तेज़ हो गई है.

जनता दल (यू) के साथ इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से मिले केंद्रीय मंत्री लालू प्रसाद यादव और रामविलास पासवान अब इस्तीफ़े के मामले पर अलग राग अलाप रहे हैं और चुटकी भी ले रहे हैं.

केंद्रीय रेल मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने कहा है कि नीतीश कुमार और उनके पार्टी के विधायकों को बिहार विधानसभा से भी इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.

तो रामविलास पासवान ने लोकसभा से इस्तीफ़ा देने को राजनीतिक नौटंकी कहा है. महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों के ख़िलाफ़ हमले को लेकर राजद और रामविलास पासवान की लोकजनशक्ति पार्टी ने भी जनता दल (यू) का साथ दिया.

मांग

इन सभी दलों ने मांग की थी कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनसी) के प्रमुख राज ठाकरे के ख़िलाफ़ कार्रवाई हो. अब जनता दल (यूनाइटेड) का कहना है कि केंद्र सरकार ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है और इसलिए लोकसभा से उनके पार्टी सांसदों ने इस्तीफ़ा दे दिया.

लेकिन नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में लालू प्रसाद यादव ने कहा, "सिर्फ़ लोकसभा से इस्तीफ़ा क्यों? जनता दल (यू) के नेताओं को राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद से भी त्यागपत्र दे देना चाहिए. हमारी पार्टी के भी सभी सांसद, विधायक और विधान परिषद सदस्य ऐसा करने को तैयार हैं."

उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर दलों के बीच जो एकता बनी थी, उसे जनता दल (यू) तोड़ रही है. लालू प्रसाद यादव ने कहा, "ये तय हुआ था कि महाराष्ट्र मुद्दे को मिलकर लड़ा जाएगा. इसी नीति के तहत एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल हाल ही में प्रधानमंत्री से मिला था."

'नौटंकी'

दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री और लोकजनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान ने जनता दल (यू) के क़दम को राजनीतिक नौटंकी बताया है.

रामविलास पासवान ने कहा, "अगर नीतीश कुमार और उनकी पार्टी के सदस्य महाराष्ट्र मुद्दे पर इतने ही गंभीर हैं तो उनके नेता राज्यसभा से इस्तीफ़ा क्यों नहीं देते."

उन्होंने कहा कि ये सभी राजनीतिक खेल हैं. चूँकि लोकसभा चुनाव आने वाले हैं, इसलिए लोकसभा सांसदों ने त्यागपत्र दे दिया लेकिन राज्यसभा सांसदों ने इस्तीफ़ा नहीं दिया.

रामविलास पासवान ने लालू यादव पर भी टिप्पणी की. लालू प्रसाद ने ही पहले इस मुद्दे पर इस्तीफ़ा देने की अपील की थी. पासवान ने कहा कि दोनों पार्टियाँ ग़लत हैं और अगर इस्तीफ़ा ही देना था तो सभी मिलकर देते.