http://www.bbcchindi.com

गुरुवार, 06 नवंबर, 2008 को 08:06 GMT तक के समाचार

अल्ताफ़ हुसैन
बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर

भारतीय कश्मीर में अघोषित कर्फ़्यू

भारत प्रशासित कश्मीर में अलगाववादियों की प्रस्तावित रैली को रोकने के लिए प्रशासन ने अघोषित कर्फ़्यू लगा दिया है.

अलगाववादियों गुटों ने लोगों से अपील की थी कि वे गुरुवार को जामा मस्जिद पर इकट्ठे हों.

इस रैली का आयोजन जम्मू में 1947 में 'बहुसंख्यक हिंदू समाज के हाथों मुसलमानों के संहार' की याद में आयोजित किया गया था.

उस समय राज्य पर हिंदू राजा हरिसिंह का शासन था और उनके ख़िलाफ़ राज्य के मुसलमानों ने विद्रोह कर दिया था और फिर पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी सीमांत प्रांत से क़बायलियों ने आक्रमण कर दिया था.

'कर्फ़्यू'

गुरुवार को घाटी में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की बड़ी संख्या में तैनाती कर दी गई है.

सुरक्षाबलों ने लोगों के आवागमन को रोक दिया है.

इसके चलते घाटी में दूकानें बंद हैं और सड़कों पर वाहन दिखाई नहीं दे रहे हैं.

अलगाववादियों के संगठन ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस (एपीएचसी) के चेयरमैन मीरवाइज़ उमर फ़ारूख़ को बुधवार से ही उनके घर पर नज़रबंद कर दिया गया है.

दूसरे बड़े अलगाववादी नेता शब्बीर शाह, यासीन मलिक और आसिया अंदराबी को प्रशासन ने पहले ही जनसुरक्षा अधिनियम के तहत जेल भेज दिया है. इस अधिनियम के तहत किसी भी व्यक्ति को दो वर्ष तक बिना सुनवाई के जेल में रखा जा सकता है.

पिछले अगस्त में अलगाववादियों के आह्वान पर हज़ारों लोगों ने रैली में हिस्सा लिया था.

अलगावादियों को मिल रहे इस समर्थन ने भारत सरकार को परेशानी में डाल दिया था.

विश्लेषकों का कहना है कि अमरीका में राष्ट्रपति पद के लिए चुने गए बराक ओबामा ने कश्मीर पर जो बयान दिया है उसने अलगाववादियों को उत्साहित कर दिया है.

उल्लेखनीय है कि बराक ओबामा ने कहा है कश्मीर समस्या के सुलझने से पाकिस्तान अफ़ग़ानिस्तान पर बेहतर ढंग से अमरीका की मदद कर पाएगा.