शनिवार, 01 नवंबर, 2008 को 12:33 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान में तैनात एक ब्रितानी कमांडर ने तालेबान से लड़ने के लिए ब्रितानी सैनिकों को दी जा रहे संसाधनों पर सवाल उठाते हुए अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.
ब्रितानी अख़बार डेली टेलिग्राफ़ ने कमांडर का बयान छापा है, जिसके अनुसार 'कमांडर सिबेस्टियन मोरले ने इलज़ाम लगाया है कि ब्रितानी सरकार और वरिष्ठ कमांडरों ने सैनिकों की सुरक्षा से संबंधित उनकी चेतावनियों के नज़रअंदाज़ किया है.'
कमांडर सिबेस्टियन मोरले ने अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान से लड़ने के लिए ब्रितानी सेना को दी गई गाड़ी 'स्नेच लैंड रोवर्स' के डिज़ाइन की भी आलोचना की है.
गाड़ी बम विरेधी नहीं
सिबेस्टियन मोरले ने कहा है कि अफ़गानिस्तान में सैनिकों को जो गाड़ी दी गई है वो बम विरेधी नहीं है.
हालांकि रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि सुरक्षाकर्मियों को पर्याप्त संसाधन मुहैया करना उनकी प्राथमिकता में रहा है.
कमांडर ने कॉर्पोरल सारा ब्रियनट सहित चार सैनिकों के मारे जान के लिए अपर्याप्त संसाधनों की कमी को दोषी ठहराया है. कॉर्पोरल सारा ब्रियनट अफ़ग़ानिस्तान में मारी जाने वाली पहली महिला फ़ौजी थीं.
ग़ौरतलब है कि जून में अफ़ग़ानिस्तान के हेलमंद प्रांत में एक महिला समेत चार सैनिक उस वक्त मारे गए थे जब उनकी गाड़ी एक बारूदी सुरंग के हमले में चकनाचूर हो गई.
कमांडर ने अपने इस्तीफ़े में अपर्याप्त संसाधनों के बावजूद सैनिकों को लड़ाई के मैदान पर भेजने की अनुमति देने के लिए मंत्रियों पर 'बड़ी लापरवाही' का इलज़ाम लगाया है.
कमांडर सेबासटियन मोरले का संबंध ब्रितानियां के इलिट एसएएस सेना से है.