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शनिवार, 01 नवंबर, 2008 को 17:35 GMT तक के समाचार

रेणु अगाल
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली

मिलिटरी स्कूल ने दी सफ़ाई

मालेगाँव बम धमाकों के सिलसिले में जब महाराष्ट्र पुलिस के आतंकवाद निरोधक दल (एटीएस) ने कुछ भूतपूर्व सैनिकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया तो नासिक स्थित भोंसला मिलिटरी स्कूल सवालों के घेरे में आ गया है.

भोंसला मिलिटरी स्कूल से जुड़े दो लोगों से पूछताछ की गई है.

इस मिलिटरी स्कूल को सेंट्रल हिंदू मिलिटरी एजुकेशन सोसाइटी चलाती है.

संस्था के नासिक ज़ोन के सचिव दिवाकर कुलकर्णी से बीबीसी संवाददाता रेणु अगाल ने बातचीत की. पेश हैं प्रमुख अंश-

मालेगाँव बम धमाके के सिलसिले में आप का मिलिटरी स्कूल निशाने पर है. आप के स्कूल के कुछ लोगों से पुलिस पूछताछ कर रही है. आप की क्या प्रतिक्रिया है?

कहने के लिए कुछ भी नहीं है. हमारा इससे कोई संबंध नहीं है. ये बात सही है कि संस्था के कुछ लोगों से पूछताछ हो रही है. उन लोगों पर इलज़ाम है कि उन्होंने अभिनव भारत की मीटिंग के लिए जगह दी थी. लेकिन भोंसला मिलिटरी स्कूल का इससे कोई संबंध नहीं है.

पिछले 70 वर्षों से ये संस्था मिलिटरी ट्रेनिंग देने का काम कर रहा है और हज़ारों लोग इस स्कूल से ट्रेनिंग से ले चुके हैं, लेकिन अब तक कोई एक भी आतंकवादी गतिविधियों में शामिल नहीं रहा है.

आज तक कोई भी असामाजिक काम करने वाला यहाँ नहीं दिखाई दिया है. भोंसला मिलिटरी स्कूल का संबंध आतंकवाद और बम से जोड़ना ग़लत है. ये इलज़ाम कोई पागल ही लगा सकता.

ये बताइए कि मिलिटरी स्कूल के कमांडेंट कर्नल एसएस रायकर से पूछताछ हो रही है या नहीं? अगर हो रही है तो क्यों पूछताछ हो रही है? इससे पहले भी भूतपूर्व कमांडेंट प्रभाकर कुलकर्णी से भी तो पूछताछ हुई थी?

भोंसला मिलिट्ररी स्कूल में मीटिंग हुई थी इसलिए पुलिस पूछताछ कर रही है. शायद पुलिस उनसे कुछ जानना चाहती है.

कमांडेंट रायकर छह महीने पहले तक मिलिटरी में थे और इस्तीफ़ा देकर यहाँ कमांडेंट का पद स्वीकार किया है. उनका पिछला रिकार्ड सही है. ये भी सही है कि इससे पहले प्रिंसिपल रहे प्रभाकर कुलकर्णी से पूछताछ हुई थी.

देखिए पुलिस को पूछताछ करने दीजिए ताकि उनकी जो शंका है वो ख़त्म हो सके. अगर पुलिस पूछताछ कर रही है तो इसमें परेशानी की क्या बात है. सिर्फ़ पूछताछ से कोई दोषी नहीं हो जाता है.

क्या आपकी संस्था का अभिनव भारत से कोई संबंध है?

बिल्कुल नहीं. जैसाकि किसी भी कार्यालय में कोई मीटिंग के लिए अर्जी देता है उसी प्रकार अभिनव भारत ने अर्जी दी थी और मीटिंग की और चले गए. और इससे आगे भोंसला मिलिटरी स्कूल का इससे कोई लेना देना नहीं है.

हमारा काम बिल्कुल स्वच्छ है और खुला है. कुछ भी छुपा नहीं हुआ है. कोई भी आकर देख सकता है.

आप लोग किस तरह की ट्रेनिंग देते हैं और किसे देते हैं?

यहाँ राइडिंग, फ़ायरिंग, तैराकी, डिज़ास्टर मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी जाती है. कक्षा छह से बारह तक के बच्चों को ट्रेनिंग दी जाती है. कैंप भी लगते हैं और पूरे भारत से यहाँ बच्चे आते हैं और ट्रेनिंग लेते हैं.

आप कह रहे हैं कि 70 साल से ये संस्था चल रही है लेकिन अब क्यों धमाकों के सिलसिलें में इसका नाम आ रहा है?

देखिए इसके राजनीतिक कारण हैं. ऐसा कैसे हो सकता है कि कोई संस्था एक दिन में बम बनाने लगेगी. ये ग़लत इलज़ाम है.

क्या इस संस्था का आरएसएस से कोई जुड़ाव है?

जी नहीं, सेंट्रल हिंदू मिलिट्ररी एजुकेशन सोसायटी एक स्वतंत्र संस्था है और संस्था का संबंध किसी प्रकार से भी आरएसएस से नहीं हैं. संस्था में कुछ भी ढँका छुपा नहीं है.