गुरुवार, 30 अक्तूबर, 2008 को 13:29 GMT तक के समाचार
बीबीसी हिंदी संवाददाताओं से
असम में गुरुवार को हुए सिलसिलेवार धमाकों के प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि धमाके इतने ज़ोरदार थे कि आसपास की इमारतें हिल गईं और देखते ही देखते अनेक वाहन आग की चपेट में आ गए.
गुवाहाटी के कमर पट्टी इलाक़े में जब धमाका हुआ तब मोहम्मद हबीबुर रहमान घटनास्थल पर मौजूद थे.
धमाके के स्थान से महज़ सौ मीटर की दूरी पर चश्मदीद हबीहुर रहमान ने दिल दहला देने वाला मंज़र देखा.
मोहम्मद हबीबुर रहमान ने बीबीसी को फ़ोन पर बताया, "मैं धमाके से महज़ सौ मीटर की दूरी पर था. धमाका इतना ज़ोरदार था कि आसपास की सभी इमारतें हिल गईं. मैंने आठ से दस गाड़ियों को जलते हुए देखा. आग की लपटों ने एक गाड़ी में बैठी चार महिलाओं को राख कर दिया. अनेक लोग घायल थे."
डर का माहौल
हबीबुर रहमान कहते हैं, "पुलिस के आने से पहले ही स्थानीय लोगों ने घायलों को पास के अस्पतालों में पहुँचाया. धमाके के बाद आम लोग काफ़ी घबराए हुए हैं. लोगों मे डर का माहौल अब भी बना हुआ है."
उन्होंने बीबीसी को बताया, "धमाके के बाद जब पुलिस पहुँची तो आम लोगों से उनकी झड़प भी हो गई. घबराए कुछ लोगों ने पुलिस पर पत्थर भी फेंके, और पुलिस की एक गाड़ी को नुक़सान पहुँचाया. पुलिस ने पत्थर फेंक रहे कुछ लोगों को तितर-बितर करने के लिए लाठियाँ भी चलाईं."
हबीबुर रहमान ने बताया कि लंबे समय तक धमाके के स्थान पर भारी संख्या में पुलिसकर्मी और बड़ी संख्या में आम लोग जमा रहे.
पूरी दुकान जल गई
बीबीसी से फ़ोन पर बातचीत करते हुए एक दुकानदार उत्पल ने बताया कि धमाके के बाद पान बाज़ार में कई दुकानें जल गईं जिसमें उनकी दुकान भी शामिल थी.
उत्पल का कहना था, ''जब धमाका हुआ था तो मैं दुकान के अंदर था. मेरी सिल्क की दुकान पूरी तरह से जल गई है और इस लाइन में सारी दुकानें जल गई हैं. "
उत्पल के अनुसार, "पान बाज़ार के इसी इलाक़े में अधिकतर सरकारी दफ़्तर स्थित हैं. दो दिनों की छुट्टी के बाद अदालत परिसर में काफ़ी भीड़ थी. धमाके के बाद वहाँ अफ़रा-तफ़री का माहौल पैदा हो गया."
उत्पल कहते हैं, " मैंने कई लोगों को घायल स्थिति में देखा. मेरी दुकान के सामने आठ लोग मारे गए. शहर का माहौल काफ़ी तनावपूर्ण है."