सोमवार, 27 अक्तूबर, 2008 को 09:25 GMT तक के समाचार
भारत ने कहा है कि वह श्रीलंका में सरकारी सेना और तमिल टाइगर छापामारों के संघर्ष के बीच फंसे तमिल नागरिकों के लिए खाद्य सहायता भेज रहा है.
भारत की श्रीलंका के विशेष राजदूत बेसिल राजपक्षा से हुई बातचीत के बाद 800 टन अनाज भेजे जाने की घोषणा हुई.
विद्रोहियों का सख़्ती से मुक़ाबला कर रहा श्रीलंका भारत को लगातार यह आश्वस्त करने की कोशिश कर रहा है कि उत्तर में मानवाधिकार की स्थिति ठीक है.
लड़ाई के दौरान उत्तरी क्षेत्र में रह रहे हज़ारों तमिल नागरिकों को पलायन करना पड़ा है.
इससे भारत के तमिल नेताओं में नाराज़गी है. तमिलनाडु के कुछ नेताओं ने भारत की केंद्र सरकार को धमकी दी है कि अगर वह इस मामले में कुछ नहीं करती है तो वे भारत की गठबंधन सरकार से इस्तीफ़ा दे देंगे.
एक नेता ने तो यह भी कहा कि भारत का खाद्य सहायता भेजना यह दिखाता है कि वह यह बात नहीं मान रहा है कि श्रीलंका अपने तमिल नागरिकों की देखभाल कर रहा है.
लोगों का पलायन
इससे पहले इसी महीने संयुक्त राष्ट्र की खाद्य सहायता संघर्षरत क्षेत्र उत्तरी श्रीलंका पहुँची जहाँ के क़रीब दो हज़ार लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है.
यह मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को पिछले महीने दिए गए सरकारी आदेश के बाद श्रीलंका के विवादग्रस्त क्षेत्र में पहुँचने वाली खाद्य सहायता का दूसरा जत्था है.
श्रीलंका की सेना तमिल टाइगरों पर लगातार हमले कर रही है जो तमिल अल्पसंख्यकों के लिए अलग राज्य की माँग कर रहे हैं.
सेना के अनुसार, अब सैनिक किलिनोची गाँव से सिर्फ़ डेढ़ किलोमीटर दूर रह गए हैं.
इस क्षेत्र में पत्रकारों के जाने पर प्रतिबंध होने की वजह से इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी.
पिछले कई हफ़्तों से लड़ाई होते रहने की वजह से क्षेत्र के अनेक नागरिक किलिनोची चले गए थे.