सोमवार, 27 अक्तूबर, 2008 को 04:39 GMT तक के समाचार
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में राज्य का एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल सोमवार शाम को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से नई दिल्ली में मुलाक़ात करेगा.
इस मुलाक़ात का उद्देश्य मुंबई में 19 अक्तूबर को बिहारी छात्रों पर हमला करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की मांग करना है.
माना जा रहा है कि छठ से पहले महाराष्ट्र में बिहार के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करवाना भी इस प्रतिनिधिमंडल की मांगों में शामिल होगा.
इस प्रतिनिधिमंडल में बिहार से केंद्रीय मंत्री लालू प्रसाद यादव, रामविलास पासवान के अलावा राजद के अध्यक्ष अब्दुल बारी सिद्दीकी, राज्य कांग्रेस प्रमुख अनिल शर्मा, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सर्वोदय शर्मा और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के यूएन मिश्रा शामिल हैं.
महाराष्ट्र में इस महीने रेलवे की परीक्षाओं के दौरान एमएनएस के कार्यकर्ताओं ने उत्तर भारत के छात्रों ( जिनमें से अधिकतर बिहार के थे) पर हमला किया था. इस घटना ने राज्यस्तरीय सभी नेताओं को हिला दिया है.
बिहार में तोड़फोड़
कुछ नेताओं ने तो यह भी सुझाव दिया है कि बिहार से संबंधित केंद्रीय मंत्रियों को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए ताकि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के उन कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव पड़ सके.
उल्लेखनीय है कि इसके बाद बिहार के विभिन्न शहरों और क़स्बों में नाराज़ छात्रों ने व्यापक पैमाने पर तोड़फोड़ की थी और इसके चलते राज्य में कई जगह रेल यातायात बाधित हुआ था और कम से कम 50 ट्रेनों पर इसका असर पड़ा था.
आधा दर्जन से अधिक रेलगाड़ियों में तोड़फोड़ हुई थी वहीं कम से कम तीन रेलगाड़ियों के कई कोच जला दिए गए थे.
इस तोड़फोड़ की वजह से बहुत सी ट्रेनों को रद्द कर दिया गया था.
इसके बाद 23 अक्तूबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के सभी दलों के नेताओं की एक सर्वदलीय बैठक बुलाकर मुंबई की घटनाओं की निंदा की थी.
इस सर्वदलीय बैठक में फ़ैसला लिया गया था कि राज्य के सभी दलों का एक प्रतिनिधिमंडल ज़ल्दी ही प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलकर
हमलों में शामिल लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की माँग करेगा.